आ रही गेमचेंजर 2-DG: कुछ यूं कोरोना की ग्रोथ को रोकती है DRDO की ये दवा, कीमत से लेकर साइड इफेक्ट तक सबकुछ जानिए…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 17 मई 2021, 05:30 AM Updated: 17 मई 2021, 05:30 AM
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कोरोना महामारी से देशभर में मची तबाही के बीच राहत भरी खबर है। कोरोना के खिलाफ जारी जंग में भारत को एक और दवा मिलने जा रही है। इस दवा का नाम है 2-deoxy-D-glucose यानि 2डीजी। इस दवा को  DRDO (Defence Research And Development Organization) ने बनाया है। दवा का पहला बैच, जिसमें 10 हजार डोज होगी, उसे लॉन्च किया गया है। 2DG दवा कोरोना के इलाज में कैसे मददगार साबित होगी? इसके साइट इफेक्ट्स और कीमत क्या है? आइए आपको इस दवा से जु़ड़ी सारी जानकारी दे देते है…

दवा के ट्रायल में क्या पाया गया? 

दवा को DRDO के इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलायड साइंसेस (INMAS) ने तैयार किया। इसमें हैदराबाद की डॉ. रेड्डीज लैब (DRL) ने भी मदद की। जब देश में कोरोना की पहली लहर ने दस्तक दी थीं, तब से ही इस दवा को बनाने पर काम चल रहा था। अप्रैल 2020 में DRDO के वैज्ञानिकों ने इस दवा पर रिसर्च किए थे। इसके बाद मई 2020 में DGCI ने इस दवा को सेकेंड फेज के ट्रायल की मंजूरी मिलीं। दूसरे फेज के ट्रायल मई से अक्टूबर के बीच में हुई। वहीं तीसरे फेज का ट्रायल नवंबर 2020 में हुए थे। 

ट्रायल में ये पाया गया कि दवा को लेने वाले मरीजों में ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हुई। सबसे खास बात ये थीं कि यही ट्रेंड 65 साल से ऊपर के मरीजों में भी देखने को मिला। फिर ट्रायल डेटा के आधार पर 9 मई को इस दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी गई। अब 2-DG दवा लॉन्च होने जा रही है, जिसके बाद ये लोगों को दी जाएगी।

ऐसे रोकती है वायरस की ग्रोथ

ये दवा एक पाउडर के रूप में मिलेगी। काफी हद तक ये ग्‍लूकोज जैसी है, लेकिन ग्‍लूकोज नहीं। कोरोना वायरस शरीर में एंट्री लेने के बादअपनी कॉपी बनाने लगता है। इसके लिए उसको ताकत की जरूरत होती है, जो ग्लूकोज से मिलती है। जब इस दवा को दिया जाएगा, तो वायरस अपनी ताकत बढ़ाने के लिए ग्लूकोज के धोखे में इस दवा का इस्तेमाल करेगा और इसी में फंसकर रह जाएगा। इसका नतीजा ये निकलेगा कि वायरस अपनी कॉपी नहीं बना सकेगा। यानि इस दवा को लेने के बाद शरीर में वायरस की ग्रोथ रुक जाएगी। 

क्या हो सकती है इस दवा की कीमत?

दवा को एक सैशे के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। इसे पानी में मिलाकर लिया जा सकेगा। INMAS के वैज्ञानिक डॉ. सुधीर चंदना के अनुसार दवा को दिन में 2 बार लेना होगा। कोरोना मरीजों को पूरी तरह ठीक होने के लिए 5-7 दिनों तक दवा देनी पड़ सकती है। कीमत को लेकर अब तक कोई खुलासा नहीं किया गया। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दवा के एक सैशे की कीमत 500-600 रुपये तक हो सकती है। 

आपको ये भी बता दें कि फिलहाल ये दवा अस्पतालों में डॉक्टर की सलाह पर ही दी जाएगी। अभी केवल इसके इमरजेंसी इस्तेमाल की ही मंजूरी दी गी है। दवा को जब तक सामान्य मंजूरी नहीं दी जाती, तब तक इसका मार्केट में आना मुश्किल है। 

साइट इफेक्ट्स के बारे में भी जान लें

वहीं बात अगर इस दवा के साइड इफेक्ट्स के बारे में करें तो डॉ. चंदना ने बताया कि ट्रायल के दौरान सामान्य और गंभीर मरीजों को इसे दिया गया था। सभी मरीजों को इससे फायदा हुआ। किसी में भी प्रतिकूल प्रभाव देखने नहीं मिले। उनके अनुसार ये कहा जा सकता है कि इस दवा के कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। 

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