Delhi Police Bihar Congress: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां से जुड़े आपत्तिजनक एआई-जनरेटेड (डीपफेक) वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। रविवार को दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल की एक टीम अचानक पटना स्थित बिहार कांग्रेस मुख्यालय (सदाकत आश्रम) पहुंची। टीम ने वहां करीब एक घंटे तक जांच-पड़ताल की और दफ्तर के बाहर आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दिया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की तरफ से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली की तैयारी चल रही है।
क्या है पूरा मामला? Delhi Police Bihar Congress
यह विवाद पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है। 10 सितंबर 2025 को शाम 6:12 बजे बिहार कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (@INCBihar) से ‘एक्स’ (ट्विटर) पर एक एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो पोस्ट किया गया था। इस क्लिप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को बातचीत करते हुए और मां द्वारा पीएम को काम करने की सलाह देते हुए दिखाया गया था।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखा विरोध शुरू हो गया। भाजपा ने इसे न केवल देश के प्रधानमंत्री की छवि बिगाड़ने की साजिश करार दिया, बल्कि मातृत्व और महिला सम्मान का घोर अपमान भी बताया। भाजपा नेताओं ने सीधे राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि यह सब उनके इशारे पर कराया गया है। भाजपा नेता संकेत गुप्ता की लिखित शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं 318(2), 336(3)(4), 340(2), 352, 356(2), 61(2) के साथ-साथ आईटी एक्ट और डिजिटल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
सदाकत आश्रम पर नोटिस चस्पा, अमित मंडल को समन
दिल्ली पुलिस की जांच टीम उस वक्त के बिहार कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े अमित कुमार मंडल की तलाश में सदाकत आश्रम पहुंची थी। हालांकि, अमित मंडल विपक्ष की महारैली के सिलसिले में दिल्ली में मौजूद थे और कार्यालय में नहीं मिले। जब दफ्तर में मौजूद अन्य लोगों ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने नियमानुसार नोटिस को मुख्य दरवाजे पर चिपका दिया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराकर वापस लौट गई।
नोटिस के जरिए अमित कुमार मंडल को 5 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे दिल्ली में एसीपी ऑफिस/काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है।
सिम कार्ड और मोबाइल फोन लाने का आदेश
जांच एजेंसी इस मामले में डिजिटल सबूत जुटाने के लिए पूरी गहराई से पड़ताल कर रही है। समन में अमित मंडल को वह मोबाइल फोन और संबंधित सिम कार्ड भी साथ लाने को कहा गया है, जिसका इस्तेमाल 1 जुलाई 2025 से अब तक बिहार कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल (@INCBihar) को चलाने और उस वीडियो को पोस्ट करने के लिए किया गया था। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी डेटा की फॉरेंसिक जांच के जरिए यह साफ किया जाएगा कि इस आपत्तिजनक वीडियो को किसने तैयार किया और इसे अपलोड करने के पीछे कौन-कौन से लोग शामिल थे।












































