Defence Investiture Ceremony 2025: राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह 2025 के प्रथम चरण का भव्य आयोजन, सेना और पुलिस के बहादुर जवानों को मिला सम्मान

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 मई 2025, 05:30 AM Updated: 24 मई 2025, 05:30 AM
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Defence Investiture Ceremony 2025: 22 मई, 2025 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के प्रथम चरण में देश के वीर सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के बहादुर जवानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार मरणोपरांत सहित कुल छह कर्मियों को कीर्ति चक्र और सात मरणोपरांत सहित 33 कर्मियों को शौर्य चक्र प्रदान किया।

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इस समारोह में भारतीय वायु सेना (IAF) के चार बहादुर पायलटों को भी शौर्य चक्र से नवाजा गया, जिनकी वीरता और साहस की गाथा हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन चारों में विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन, स्क्वाड्रन लीडर दीपक कुमार, फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमन सिंह हंस और कॉर्पोरल (अब सार्जेंट) डाभी संजय हिफ्फाभाई शामिल हैं।

विंग कमांडर वर्नोन डेसमंड कीन की बहादुरी- Defence Investiture Ceremony 2025

विंग कमांडर कीन को एक उड़ान के दौरान लड़ाकू विमान के ऑयल सिस्टम में अचानक आई गंभीर खराबी और दोनों इंजन बंद हो जाने के बावजूद सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। भारतीय वायु सेना ने बताया कि कीन ने विमान को नियंत्रण में रखते हुए रिहायशी इलाकों से दूर ले जाकर एक इंजन पुनः चालू किया और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित की। इस साहसपूर्ण कार्रवाई ने बहुमूल्य राष्ट्रीय संपत्ति और मानवीय जीवन की रक्षा की।

स्क्वाड्रन लीडर दीपक कुमार का अद्भुत पराक्रम

रात के समय एक इंस्ट्रक्शनल उड़ान के दौरान, जब लड़ाकू विमान के इंजन में आग लग गई, तब दीपक कुमार ने सीमित विकल्पों के बावजूद असाधारण निर्णय और कुशलता दिखाते हुए विमान को रनवे पर सुरक्षित उतारा। यह स्थिति बेहद खतरनाक थी क्योंकि वह मात्र 1000 फीट की ऊंचाई पर थे। उनकी वीरता ने न केवल विमान को बचाया, बल्कि संभावित जान-माल के नुकसान को टाल दिया।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमन सिंह हंस की साहसिक पहल

मार्च 2024 में, फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमन सिंह हंस एक लंबी दूरी की रात की उड़ान पर थे, जब 28,000 फीट की ऊंचाई पर उनके विमान के कॉकपिट में विस्फोट हो गया। इस हादसे में विमान के महत्वपूर्ण उपकरण बंद हो गए। गंभीर परिस्थिति के बावजूद, उन्होंने धैर्य बनाए रखा, नियंत्रण वापस पाया और विमान को सुरक्षित रूप से नजदीकी हवाई अड्डे पर उतारा। उनके इस साहस ने विमान और जमीनी जीवन को बचाया।

कॉर्पोरल डाभी संजय हिफ्फाभाई की अद्भुत बहादुरी

मई 2024 में जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवादी हमले के दौरान कॉर्पोरल डाभी संजय हिफ्फाभाई ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपनी स्थिति को मजबूत रखा और अपनी टीम की सुरक्षा के लिए दुश्मन से मुकाबला किया। उन्होंने गोली लगने के बावजूद बिना घबराए सामरिक कौशल और साहस दिखाया, जिससे उनकी टीम के कई सदस्य बच गए।

भारतीय वायु सेना का सम्मान

भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व ट्विटर) हैंडल से इन चारों वीर योद्धाओं की बहादुरी की कहानी साझा की है। आईएएफ ने इनके साहसिक कारनामों को यादगार बताया और कहा कि ऐसे जवान राष्ट्र की सुरक्षा की धुरी हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किए गए ये सम्मान न केवल इन बहादुर जवानों के अदम्य साहस को सराहते हैं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत हैं। यह समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता, त्याग और देशभक्ति को उजागर करता है, जो हर भारतीय के दिल में देशप्रेम और गर्व की भावना को जगाता है।

इस प्रकार, रक्षा अलंकरण समारोह 2025 के प्रथम चरण ने देश के वीर सपूतों को सम्मानित कर उनकी अद्भुत वीरता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित होगी।

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