Bathinda Road Roller Accident: बठिंडा की गणेशा बस्ती में सड़क निर्माण के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां सड़क पर चल रहे एक रोड रोलर ने स्कूटर सवार पिता और बेटी को पीछे से कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि रोलर का भारी पहिया दोनों के ऊपर से गुजर गया। इस हादसे में पिता विशाल गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी मन्नत गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची का इलाज All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में चल रहा है।
घटना के बाद इलाके में गुस्सा और डर दोनों का माहौल है। परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सड़क निर्माण करवा रहे ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। न तो रास्ता बंद किया गया था और न ही लोगों को सावधान करने के लिए कोई बैरिकेडिंग या रस्सी लगाई गई थी।
CCTV में कैद हुआ हादसे का खौफनाक मंजर | Bathinda Road Roller Accident
इस दर्दनाक हादसे का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसने हर किसी को हिला कर रख दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि विशाल गुप्ता अपनी बेटी मन्नत के साथ स्कूटर पर सड़क किनारे से गुजर रहे थे। इसी दौरान नई बन रही सड़क पर उनका स्कूटर अचानक फिसल गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। तभी पीछे की तरफ बैक हो रहा रोड रोलर दोनों के ऊपर चढ़ गया।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े और बच्ची को बाहर निकाला। हालांकि विशाल गुप्ता को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के बाद रोड रोलर चालक वहां से फरार हो गया।
‘चालक ने हेडफोन लगाए हुए थे’
परिवार और इलाके के लोगों का आरोप है कि रोड रोलर चला रहा व्यक्ति बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था। पड़ोसी विमल गोयल ने बताया कि चालक के कानों में हेडफोन लगे हुए थे और वह ध्यान दिए बिना रोलर को पीछे कर रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि रोलर चलाने वाला एक नाबालिग लड़का था।
विमल गोयल ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया गया। वहां न तो ट्रैफिक रोका गया था और न ही लोगों को वहां से गुजरने से रोकने के लिए कोई व्यवस्था की गई थी।
‘इंसाफ नहीं मिला तो अंतिम संस्कार नहीं करेंगे’
मृतक विशाल गुप्ता की बहन माधवी ने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनके भाई की कोई गलती नहीं थी। उनका आरोप है कि रोलर चालक मोबाइल फोन में व्यस्त था और लापरवाही से मशीन चला रहा था।
माधवी ने कहा कि उनकी भतीजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ रही है और परिवार तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेगा जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। वहीं रिश्तेदार दविंदर पाल बांसल ने दावा किया कि रोलर चलाने वाले के पास न तो लाइसेंस था और न ही मशीन से जुड़े जरूरी कागजात।
प्रशासन और सरकार से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। वार्ड नंबर 6 के काउंसलर बेअंत सिंह रंधावा ने कहा कि सड़क निर्माण जैसे कामों के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और घायल बच्ची का पूरा इलाज मुफ्त कराया जाए। साथ ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग उठ रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।




























