कल्याणी ठाकुर चरल: बांग्ला दलित साहित्य में दलितों की स्थिति को उकेरने वाली ‘पहली’ महिला
किसी ने बांग्ला दलित साहित्य को परिभाषित करते हुए कहा है कि “दलितों द्वारा, दलितों के माध्यम से और दलितों की समाजिक स्थिति पर लिखा गया साहित्य बांग्ला दलित साहित्य कहलाता है”. और यह परिभाषा किसी भी मायने ने गलत नहीं है. इस परिभाषा से दलित साहित्य को अच्छे से समझा जा सकता है. कहा...
Read more 






















