Assam Flood Update 2026: एक तरफ देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, तो दूसरी तरफ पिछले कुछ दिनों से असम में बाढ़ की तबाही के वीडियो भी सामने आ रहे हैं, जहां सोशल मीडिया पर असम के लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन क्या आपने असम से आ रही मदद की पुकार सुनी?
कुछ यूज़र्स का तो यहां तक कहना है कि जंतर-मंतर की आवाज तो सरकार तक आसानी से पहुंच जाती है, लेकिन असम की चीखें दिल्ली के सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है इस घटना की सारी अपडेट।
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24 घंटों में क्या-क्या हुआ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि असम में मानसून बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ (Assam Flood) की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जहां पिछले 24 घंटों में 7 और लोगों की मौत होने से कुल मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 75 हो गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, ये सभी सातों मौतें डूबने के कारण शिवसागर जिले के नाजिरा राजस्व क्षेत्र में दर्ज की गई हैं।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य में वर्तमान में 81 राहत शिविर और 34 वितरण केंद्र एक्टिव हैं, जहां हजारों लोग शरण लिए हुए हैं। बाढ़ के पानी ने अब तक 45,341 हेक्टेयर से अधिक की खड़ी फसल को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है।
असम में विनाशकारी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है, जहां पिछले 24 घंटों में 7 और लोगों की मौत के साथ इस आपदा में जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा 75 तक पहुंच गया है। राज्य के 7 जिलों के 622 गांवों में रहने वाले करीब 3.32 लाख से अधिक लोग इस समय बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं।… pic.twitter.com/xIuZYh3SgR
— Nedrick News (@nedricknews) July 29, 2026
Assam Flood का प्रभाव
बता दें कि (Assam Flood) राज्य के 7 जिले अभी भी बाढ़ की भयंकर चपेट में हैं, जिनमें शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, चराइदेव, नगांव, सोनितपुर और कामरूप (महानगर) शामिल हैं। मौजूदा समय में 3.32 लाख से अधिक लोग इस विनाशकारी आपदा से जूझ रहे हैं।
चराइदेव जिला वर्तमान में सबसे गंभीर रूप से प्रभावित है, जहां 1.42 लाख से अधिक लोग संकट में हैं; इसके बाद शिवसागर (97,074) और जोरहाट (57,371) का स्थान है। प्रशासन के मुताबिक, कुल 622 गांव पानी में पूरी तरह या आंशिक रूप से डूबे हुए हैं, जिससे इन इलाकों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
पिता ने जान दाव लगाकर बचाई बच्चों की जान
एक तरफ जहां पूरा असम बाढ़ (Assam Flood) के इस भीषण कहर से त्रस्त है, वहीं सोशल मीडिया पर एक मजबूर पिता का भी वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक पिता अपनी जान की परवाह किए बिना, अपने मासूम बच्चों को प्लास्टिक के बड़े टब में बैठाकर पानी के तेज बहाव के बीच से एक सुरक्षित जगह तक पहुंचा रहा है। बाढ़ की इस त्रासदी के बीच सामने आई यह तस्वीर यह बयां करने के लिए काफी है कि असम के आम लोग इस वक्त जिंदगी और मौत के बीच किस कदर जूझ रहे हैं।
असम में आई भीषण बाढ़ के बीच एक पिता के साहस और निस्वार्थ प्रेम की दिल को छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है. इलाके में कोई रेस्क्यू बोट उपलब्ध न होने के कारण इस बेबस पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने बच्चों को एक बड़े प्लास्टिक के टब में बिठाया और खुद उफनते पानी में तैरते हुए… pic.twitter.com/vSwFI5Ycwm
— Nedrick News (@nedricknews) July 28, 2026
राहत बताव कार्य जारी
सेना, NDRF और SDRF की टीमें असम के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ‘देवदूत’ बनकर दिन-रात जुटी हुई हैं और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य (HADR) चला रही हैं। भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन की मदद के लिए एक बड़ा राहत अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन जल राहत’ (Operation Jal Rahat) नाम दिया गया है।
सभी एजेंसियां असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के साथ मिलकर पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण हर एक रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और समय के खिलाफ रेस जैसा बना हुआ है।
CM हिमंता बिस्वा का अश्वासन और जमीनी हकीकत
इस भीषण आपदा पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि प्रभावित लोगों को इस मुश्किल वक्त से उबरने में मदद करने के लिए सरकार की ओर से लगातार हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, असम के बारिश और बाढ़ की चपेट में आए इलाकों से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, वे बेहद विचलित करने वाले हैं।
कहीं लोग घुटनों से ऊपर तक भरे पानी में अपने कंधे पर साइकिल और जरूरी सामान उठाकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जाते दिख रहे हैं, तो कहीं आलीशान कारें और मकान पानी में पूरी तरह डूबे नजर आ रहे हैं। ये तस्वीरें बयां कर रही हैं कि असम के नागरिकों के लिए यह समय कितनी बड़ी परीक्षा का है।































