पूजा खेडकर के बाद इन IAS अफसरों पर भी फर्जी सर्टिफिकेट दिखाकर नौकरी पाने का आरोप

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 जुलाई 2024, 05:30 AM Updated: 28 जुलाई 2024, 05:30 AM
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भारत में युवाओं के बीच सरकारी नौकरी पाना किसी कुबेर के खजाने से कम नहीं है और अगर वो नौकरी आईएएस अधिकारी की हो, तो सोने पर सुहागा जैसी बात है। लेकिन पिछले कुछ समय से इस नौकरी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप लगाए गए हैं कि इस नौकरी को पाने के लिए कुछ चालाक लोग फर्जी दस्तावेज दिखाकर विशेष दर्जा प्राप्त कर आईएएस बन रहे हैं। इस मामले में अब तक आईएएस पूजा खेडकर का नाम सामने आया है। महाराष्ट्र की ट्रेनी अधिकारी पर फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र जमा कर सिविल सेवा में नौकरी पाने का आरोप लगा है। वहीं, हाल ही में कुछ यूजर्स ने यूपी के आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह पर फर्जी विकलांगता दस्तावेज जमा कर आईएएस बनने का आरोप लगाया था। इसके अलावा उत्तराखंड की आईएएस अधिकारी नितिका खंडेलवाल पर भी ऐसे ही आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं, इन आरोपों से जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

और पढ़ें: विवादों में आईं IAS पूजा खेडकर, फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र देने आरोप, अब मॉक इंटरव्यू भी हुआ वायरल

इन तमाम आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। लोग कह रहे हैं कि आईएएस जैसे शक्तिशाली पद का फायदा उठाने के लिए लोग अब फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के जरिए ये नौकरियां हासिल कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

अभिषेक सिंह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। पिछले साल उन्होंने एक्टर बनने के लिए इस्तीफा दे दिया था। उनके डांस और जिम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। अमिताभ चौधरी नाम के एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर अभिषेक सिंह के डांस का वीडियो शेयर किया है। इस पर लिखा है कि बिना किसी परेशानी के डांस करने वाले इस शख्स का नाम अभिषेक सिंह है। उन्होंने 2010 में विकलांगता श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा पास की और आज आईएएस हैं।

इसमें आगे कहा गया है कि हर साल ऐसे दर्जनों फर्जी विकलांगता और फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले सामने आते हैं, जो सिस्टम को धोखा देकर आईएएस, आईपीएस बन जाते हैं, सिस्टम में आने के बाद वे सिस्टम को कितना धोखा देंगे, यह तो भगवान ही जाने। दुख की बात है कि सच्चाई सामने आने के बाद भी ऐसे लोगों को नौकरी से नहीं हटाया जाता और फर्जी प्रमाण पत्र के लिए जेल नहीं भेजा जाता। क्यों?

आईएएस नितिका खंडेलवाल पर उठे सवाल

अभिषेक सिंह की तरह ही उत्तराखंड की आईएएस अधिकारी नितिका खंडेलवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नितिका का चयन दृष्टिबाधित (Visually Impaired) श्रेणी से यूपीएससी परीक्षा में हुआ है। नितिका खंडेलवाल 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वायरल वीडियो में उन्हें सिम्युलेटर पर ड्राइविंग टेस्ट देते हुए दिखाया गया है। जिस पर यूजर्स ने आरोप लगाते हुए सवाल किया है कि दृष्टिबाधित होने के बावजूद वह चश्मा क्यों नहीं पहनती हैं? यूजर्स उनकी विकलांगता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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