धारा 271 क्या है, कब लगती है और क्या है इससे बचने का प्रावधान ?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 31 अक्टूबर 2023, 05:30 AM Updated: 31 अक्टूबर 2023, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

देश में जब कोरोना महामारी आई तब इस वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई सारे निर्देश दिए गये और इसमें सबसे हम निर्देश क्वारनटाइन (Quarantine) रहने को लेकर था. दरअसल, सरकार द्वारा जारी की गयी गाइडलाइन के अनुसार, जो भी व्यक्ति किसी दूसरे राज्य कि यात्रा कर रहा था उसे 14 दिन क्वारनटाइन (Quarantine) रहना था. इस नियम का पालन नहीं करने पर कारवाई हो रही थी और ये कारवाई आईपीसी की धारा 271 के तहत हो रही थी. वहीं आज इस पोस्ट के जरिए हम आपको  धारा 271 क्या है, कब लगती है और क्या है इससे बचने का प्रावधान है इस बात कि जानकारी देने जा रहे हैं.

Also Read- जानिए कैसे कोलंबिया और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय ने बदली बाबा साहेब अम्बेडकर की पूरी जिंदगी.

जानिए क्या है धारा 271

वहीं भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 271 का संबंध क्वारनटाइन (Quarantine) के नियम से हैं और आईपीसी का यह सेक्शन लॉकडाउन के समय लागू हुई थी. इस धारा के तहत कारवाई तब होती है जब संक्रामक रोग फैला हो और तब वहां लोगों को जमा करना साथ ही इस नियम का गलत तरीके से उल्लंघन करना तब पुलिस इस मामले में धारा 271 के तहत कारवाई करती है.

वहीं भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 271 के तहत उस शख्स को दोषी ठहराया जा सकता है उसे सजा और जुर्माना दोनों मिल सकते हैं.

क्या है सजा और जमानत का प्रावधान

आईपीसी की धारा 271 के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने की कैद या जुर्माना या फिर दोनों मिल सकते हैं. वहीं धारा 271 के तहत किया गया अपराध गैर – संज्ञेय और जमानती है। संज्ञेय अपराध का मतलब है, एक अपराध जिसमें एक पुलिस अधिकारी को एक वारंट के बिना गिरफ्तारी करने और अदालत की अनुमति के साथ या बिना जांच शुरू करने का अधिकार है. वहीं इस ममाले में कुछ शर्तों पर जमानत मिल सकती है.

इस समय लागू हुई थी ये धारा

आपको बता दें, कोरोना-वायरस जब देश-विदेश में फ़ैल रहा था सभी देशों के साथ-साथ भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए  रात 12 बजे से अगले 21 दिनों के लिए तीन सप्ताह के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. वहीं पीएम ने कहा था कि COVID-19 वायरस को फैलने से रोकने के लिए यह उपाय नितांत आवश्यक था। दरअसल, COVID-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत शक्तियों का उपयोग करते हुए 21 दिनों के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की है. वहीं इस बीच कई सारे नियम बने और जो क्वारनटाइन (Quarantine) नियम बना उस नियम की अवज्ञा (Disobedience) करने पर कारवाई करने का धारा भी लागू हो गयी थी.

Also Read- धारा 4 क्या है, कब लगती है और क्या है इससे बचने का प्रावधान ?. 

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds