Greater Noida: दिल्ली के चर्चित बुराड़ी कांड जैसी ही एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से सामने आई है। यहाँ रबूपुरा के एक बंद घर में एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। बिस्तर पर बेजान पड़े माता-पिता और उनके तीन मासूम बच्चों की इस रहस्यमयी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर उस रात ऐसा क्या हुआ कि हँसता-खेलता पूरा परिवार हमेशा के लिए सो गया? क्या यह कोई सोची-समझी साजिश है, सामूहिक आत्महत्या या फिर एक जानलेवा लापरवाही? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि असली वजह क्या है?
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के रबूपुरा थाना क्षेत्र के नंगला श्रीगोपाल (नंगला श्री पदम) गांव में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की सुबह एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिले हैं। इस सामूहिक मौत की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले सभी सदस्य एक ही परिवार के थे, जिनमें पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। मृतकों में परिवार के 37 साल के मुखिया महेश, 35 साल की पत्नी ललिता, 11 साल का बेटा लड्डू, 7 साल की बेटी मिष्टी और 3 साल का बेटा साक्षात शामिल हैं।
घटना का पता कैसे चला?
महेश की मां और पड़ोसियों के अनुसार, पूरा परिवार शुक्रवार की रात को खाना खाने के बाद हमेशा की तरह सोने चला गया था। शनिवार की सुबह जब काफी देर होने के बाद भी घर का कोई सदस्य नहीं जागा और न ही कमरे में कोई हलचल हुई, तो महेश की मां को शक हुआ। जब उन्होंने और आसपास के लोगों ने कमरे के अंदर देखा, तो पांचों सदस्य बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़े हुए थे। यह खौफनाक मंजर देखते ही चीख-पुकार मच गई और लोगों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय रबूपुरा पुलिस को दी।
रात के खाने में क्या खाया था?
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पड़ोसियों और परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि शुक्रवार की रात को पूरे परिवार ने आखिरी बार मैगी (नूडल्स) खाई थी और चाय पी थी। इसके बाद ही वे सोने गए थे और सुबह सभी मृत पाए गए। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतकों के मुंह से झाग भी निकल रहा था, जो जहर या हैवी फूड पॉइजनिंग का एक बड़ा लक्षण माना जाता है।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रबूपुरा कोतवाली पुलिस के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम (Field Unit) और खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से भोजन (मैगी और चाय) के सैंपल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि भोजन में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं था। पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए सभी 5 शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मौत की असली वजह क्या है? (Greater Noida Burari kand replay)
पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया (Prima Facie) यह मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग या जहरीला पदार्थ खाने का लग रहा है। हालांकि, यह हादसा खाद्य सामग्री में खराबी की वजह से हुआ, यह कोई सामूहिक आत्महत्या है, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश है—इसकी पुख्ता और आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) आने और विसरा जांच की रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। पुलिस हर एंगल से इस मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।












































