लंदन की सड़क पर कोकीन के ओवरडोज से बेसुध हुई UAE की रॉयल बहू: पास ही नंगे पैर खेल रहा था 3 साल का बच्चा| UAE princess drug overdose  

Nandani | Nedrick News London Published: 16 अक्टूबर 2026, 04:03 PM Updated: 16 अक्टूबर 2026, 04:03 PM
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UAE princess drug overdose: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे रसूखदार शाही खानदान से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने ब्रिटेन से लेकर खाड़ी देशों तक सबको सन्न कर दिया है। अबू धाबी के शाही परिवार से संबंध रखने वाली 32 वर्षीय महराह अल नाहयान लंदन की एक बेहद व्यस्त सड़क पर क्लास-ए ड्रग्स (कोकीन) के ओवरडोज के कारण बेसुध होकर फुटपाथ पर गिर पड़ीं। दिल दहला देने वाली बात यह थी कि जब वह करीब आधे घंटे तक सड़क पर अचेत पड़ी रहीं, तब उनका तीन साल का मासूम बेटा बिना जूतों के, नंगे पैर तेज रफ्तार ट्रैफिक के बिल्कुल करीब एक स्कूटर के साथ खेल रहा था।

मामले की सुनवाई के दौरान लंदन की साउथवार्क क्राउन कोर्ट ने बच्चे के प्रति आपराधिक लापरवाही बरतने के जुर्म में उन्हें दो साल के कम्युनिटी रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।

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13 जून की दोपहर: राहगीरों की नजर पड़ी तो टला बड़ा हादसा| UAE princess drug overdose

यह पूरी घटना 13 जून की है। पश्चिम लंदन की एक चहल-पहल वाली सड़क पर आते-जाते लोगों ने देखा कि एक महिला फुटपाथ पर बेसुध हालत में पड़ी है और पास ही एक छोटा बच्चा नंगे पैर सड़क की तरफ बढ़ रहा है। गाड़ियां बेहद करीब से गुजर रही थीं और बच्चा किसी भी वक्त किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ सकता था। हालात की नजाकत को भांपते हुए राहगीरों ने तुरंत बीच-बचाव किया, बच्चे को अपनी गोद में लेकर सुरक्षित किया और फौरन पुलिस को सूचना दी। लोगों ने करीब 30 मिनट तक महिला को जगाने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह अचेत थीं।

होश में आते ही बोलीं— ‘यह कोई कत्लखाना नहीं, इतनी चिंता क्यों कर रहे हो?’

अदालत में सरकारी वकील रियो पहलवानपोर ने बताया कि जब काफी मशक्कत के बाद महराह अल नाहयान को होश में लाया गया, तो उन्होंने अपनी गलती या बच्चे की हालत पर कोई अफसोस जताने के बजाय अजीब बर्ताव शुरू कर दिया। उन्होंने वहां जमा मददगार लोगों पर झल्लाते हुए कथित तौर पर कहा, “यह कोई कत्लखाना नहीं है… तुम लोग मेरे बच्चे की इतनी परवाह क्यों कर रहे हो? तुम इतने परेशान क्यों हो?”

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची लंदन पुलिस ने जब उनकी तलाशी ली, तो उनके पास से नशा करने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ, हालांकि उस वक्त कोई ताजा ड्रग्स नहीं मिला। पुलिस ने बच्चे की हिफाजत को खतरे में डालने के आरोप में उन्हें हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें इलाज के लिए सरे स्थित मशहूर ‘प्रायरी क्लिनिक’ के वोकिंग सेंटर में रिहैब के लिए भर्ती कराया गया।

हर महीने 8,000 पाउंड का शाही भत्ता, कोर्ट में कबूला जुर्म

साउथवार्क क्राउन कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि महराह की शादी अबू धाबी के शाही परिवार में हुई है और उन्हें अपने शाही रसूख के तहत हर महीने 8,000 पाउंड (करीब 8 लाख रुपये से अधिक) का तय गुजारा भत्ता मिलता है। अदालत के कटघरे में खड़ी महराह अल नाहयान ने बच्चे की जान को जोखिम में डालने और उसकी घोर उपेक्षा करने का अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उनके बचाव पक्ष के वकील स्टीफन वुल्लो केसी ने दलील दी कि उनकी मुवक्किल को अपनी इस हरकत पर बेहद पछतावा है और वे इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल मानती हैं।

वकील ने कोर्ट में सफाई देते हुए कहा कि जिस दिन यह घटना हुई, उस खास दिन महराह ने सीधे तौर पर कोकीन नहीं ली थी, बल्कि उससे पिछले कुछ दिनों में लगातार किए गए भारी नशे के चलते वे शारीरिक रूप से बुरी तरह टूट चुकी थीं और भारी थकान के कारण सड़क पर ही बेहोश हो गईं। वकील ने अदालत को बताया कि जुलाई से रिहैब सेंटर में भर्ती होने के बाद से उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है और वे अपनी इस लत को खत्म करने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं।

जज की तल्ख टिप्पणी: ‘बच्चे को कोई उठा ले जाता या वह हादसे का शिकार हो जाता’

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जॉनसन केसी ने महराह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी फटकार लगाई। जज ने कहा, “नशे की हालत में अपने 3 साल के बच्चे को चलती सड़क पर लावारिस छोड़ देना यह दिखाता है कि आपने उसकी सुरक्षा की कितनी अनदेखी की। अगर अनजान राहगीर वक्त पर आगे न आते, तो बच्चा किसी गाड़ी से कुचल सकता था, कोई अजनबी उसे अगवा कर सकता था या उसे भारी नुकसान पहुंच सकता था। अपनी मां को इस तरह बेसुध देखकर वह बच्चा अंदर से कितना सहम गया होगा, इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता।”

2 साल का कम्युनिटी ऑर्डर और 6,114 पाउंड का जुर्माना

अदालत ने उनके हर महीने मिलने वाले 8,000 पाउंड के भत्ते को ध्यान में रखते हुए उन पर 5,000 पाउंड का जुर्माना और 1,000 पाउंड से अधिक का कानूनी खर्च भरने का आदेश दिया, जो कुल मिलाकर 6,114 पाउंड बैठता है।

इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें दो साल के कम्युनिटी रिहैबिलिटेशन ऑर्डर की सजा सुनाई। उनका 3 महीने का इन-पेशेंट रिहैब प्रोग्राम पूरा होने वाला है, जिसके बाद वे गिल्डफोर्ड इलाके में एक घर किराए पर लेकर रहेंगी और वहां ‘नारकोटिक्स एनोनिमस’ (नशा मुक्ति सपोर्ट ग्रुप) की बैठकों में शामिल होकर डे-पेशेंट के तौर पर अपनी रिकवरी पूरी करेंगी।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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