Swachh Yamuna Prahari app: राजधानी दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। यमुना की सफाई को सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित न रखकर इसे एक जनआंदोलन बनाने के मकसद से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉर्थ कैंपस स्थित रग्बी ग्राउंड/स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से ‘स्वच्छ यमुना प्रहरी’ अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर युवाओं और नागरिकों को सीधे जोड़ने के लिए ‘मैं भी यमुना प्रहरी’ ऐप और meriyamuna.in वेबसाइट को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया।
खुद सीएम ने कराया रजिस्ट्रेशन, बोलीं- जनता का साथ जरूरी| Swachh Yamuna Prahari app
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंच से खुद ऐप पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया और यमुना को साफ रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह सहित हजारों छात्र मौजूद रहे।
सीएम रेखा गुप्ता ने दो टूक शब्दों में कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की जिम्मेदारी अकेले सरकार के कंधों पर नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने कहा, “सरकार नालों को टैप करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने, डी-सिल्टिंग और सीवर लाइनों को जोड़ने जैसे तकनीकी काम तेजी से कर रही है, लेकिन नदी में पूजा सामग्री, पॉलीथिन, फूल-मालाएं और कचरा फेंकने से रोकने के लिए आम जनता और खासकर युवाओं का आगे आना बेहद जरूरी है।” उन्होंने इसे क्लीन, ग्रीन और सुंदर दिल्ली के साझा विजन से जोड़ा।
18 अक्टूबर को 30 कॉलेजों के छात्र संभालेंगे मोर्चा
सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने घोषणा की कि आगामी 18 अक्टूबर को यमुना के किनारों पर एक विशाल सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस महा-अभियान में दिल्ली विश्वविद्यालय के करीब 30 कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राएं एक साथ हिस्सा लेंगे और यमुना के घाटों से प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य ठोस कचरे को साफ करेंगे। इसके साथ ही छात्र अपने परिवारों और समाज को भी जागरूक करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रवेश साहिब सिंह ने स्पष्ट किया कि घाटों की सफाई के साथ-साथ सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को बड़े पैमाने पर बढ़ाना ही इसका स्थायी समाधान होगा।
22 नालों पर STP का प्लान, 12 पर काम शुरू: हर्ष मल्होत्रा
यमुना के तकनीकी सुधार पर बात करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली में यमुना लगभग 33 किलोमीटर के दायरे से गुजरती है और इस हिस्से का प्रदूषण सबसे गंभीर चिंता है। उन्होंने बताया कि यमुना में 22 बड़े सीवेज नालों का गंदा पानी गिरता है।
सरकार ने इन सभी 22 नालों के मुहानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए ₹3,000 करोड़ से ज्यादा का बजट तय किया है। इनके टेंडर पूरे हो चुके हैं और 12 जगहों पर निर्माण कार्य शुरू भी हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार का पूरा लक्ष्य साल 2029 तक यमुना को पूरी तरह साफ बनाना है।













































