Jitan Ram Manjhi: देश में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी पारा हाई है। विपक्ष लगातार गंभीर आरोप लगा रहा है, लेकिन अब इस पूरे विवाद पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान सामने आया है। मांझी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए इस पूरी मांग को ही खारिज कर दिया है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं क्या है पूरा मामला और मांझी ने विपक्ष को कैसे घेरा।
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Jitan Ram Manjhi ने क्या कहा
जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने मीडिया के इस सवाल पर कि विपक्ष ज्ञानेश कुमार को हटाने की रणनीति बना रहा है, बेहद सधे हुए और तीखे अंदाज में जवाब दिया। मांझी ने इस बात पर हैरानी जताई कि मीडिया और विपक्ष को यह कैसे पता चल जाता है कि अंदरखाने क्या रणनीति बन रही है। उन्होंने साफ किया कि बिना किसी ठोस आधार या आधिकारिक जानकारी के ऐसी बातें केवल कयासबाजी हैं।
उनका इशारा था कि विपक्ष भले ही बंद कमरों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने या उन पर महाभियोग (Impeachment) चलाने के लिए बैठकें कर रहा हो, लेकिन एक संवैधानिक पद से किसी को हटाना इतना आसान नहीं है, और इन बैठकों की हकीकत केवल हवा-हवाई दावों तक सीमित है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक
मंगलवार को दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में मोदी सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक बेहद कड़ा और बड़ा प्रस्ताव पारित किया गया। कांग्रेस ने बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सरकार की “कठपुतली” करार देते हुए कहा कि उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाया जाए। वहीं, राहुल गांधी ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को पद से जाना ही होगा और उनका इस्तीफा तय है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह चुनाव आयोग पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्थाओं पर ऐसा दबाव डालने के लिए पीएम मोदी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी तरह गैरकानूनी है, जिसके तहत देश भर में साजिश के तहत करोड़ों वैध वोटर्स (विशेषकर युवाओं के) नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। कांग्रेस ने मांग की कि इस प्रक्रिया को तुरंत सस्पेंड किया जाए और काटे गए नामों को बहाल किया जाए।














































