Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की पांच बड़ी और अहम खबरों में बताएंगे। कैसे जिला अदालत में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है, और साथ ही प्रदूषण रोकने का दावा करने वाले सरकारी सिस्टम की अपनी क्या हकीकत है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर आपकी जेब और रोजाना के सफर से जुड़ी बड़ी खबरें,
टीला मोड़ क्षेत्र में जमानत के लिए कोर्ट में पेश किए गए फर्जी दस्तावेज और जमानती, धोखाधड़ी का खुलासा होने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। इंदिरापुरम, वैशाली और कौशांबी जैसी प्राइम लोकेशंस पर GDA लाया प्लॉट खरीदने का बेहतरीन मौका, 7 सितंबर को होगी महा-नीलामी।
सीवेज में पोलियोवायरस मिलने के बाद गाजियाबाद पहुंची 5 देशों के 21 अधिकारियों की टीम, प्रभावित इलाकों में जमीनी जांच शुरू। हिंडन बैराज मार्ग 30 सितंबर तक के लिए पूरी तरह बंद, कनावनी और इंदिरापुरम आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए रूट डायवर्जन लागू।
प्रदूषण रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले सरकारी विभागों के ही 335 वाहन बिना वैध PUC सर्टिफिकेट के सड़कों पर दौड़ रहे, सूची में पुलिस की गाड़ियां सबसे आगे। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों तो विस्तार से जानते हैं।
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कोर्ट में फर्जी जमानती मामला
गाजियाबाद की पहली खबर टीला मोड़ थाना क्षेत्र से है। जहां कोर्ट में जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज और फर्जी जमानती पेश करने के आरोप में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि टीला मोड़ थाना क्षेत्र से जुड़े मारपीट और धमकी के एक केस से संबंधित है। आरोपी की जमानत कराने के लिए कोर्ट में फर्जी कागजात और फर्जी जमानती खड़े किए गए थे।
जब कोर्ट की ओर से इन जमानतियों के दस्तावेजों का सत्यापन (Verification) कराया गया, तो असली जमानतियों ने संबंधित आरोपी की जमानत देने से साफ इंकार कर दिया। इससे कोर्ट के सामने यह बात आ गई कि उनकी जगह किसी और को फर्जी तरीके से पेश किया गया था। धोखाधड़ी पकड़े जाने के बाद कोर्ट के क्लर्क की शिकायत पर गाजियाबाद के कविनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
GDA प्लॉट नीलामी योजना (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की दूसरी खबर रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में जमीन खरीदने की इच्छा रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा प्रमुख प्राइम लोकेशंस पर भूखंडों (Plots) की नीलामी की योजना जारी की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जीडीए द्वारा इन सभी बेशकीमती भूखंडों की महा-नीलामी 7 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
इस योजना के तहत इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी, कोयल एन्क्लेव, कर्पूरीपुरम और ब्रिज विहार जैसे गाजियाबाद के सबसे विकसित और मांग वाले क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीदने का मौका मिल रहा है। नीलामी में कुल 60 से अधिक भूखंड शामिल किए गए हैं, जिनमें आवासीय (Residential) और व्यावसायिक (Commercial) दोनों तरह की संपत्तियां मौजूद हैं। इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 2 सितंबर 2026 तय की गई थी।
अलर्ट मोड पर WHO टीम (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की तीसरी खबर स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा से जुड़ी है। जिले में सीवेज सैंपल के भीतर वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस (VDPV) टाइप-1 मिलने के दो महीने बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पूरी तरह अलर्ट पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 5 देशों (नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश और टीमोर-लेस्ते) के 21 वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की संयुक्त टीम गाजियाबाद पहुंची है।
इस विदेशी डेलिगेशन ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की और प्रभावित इलाकों जैसे कैला भट्टा, विजयनगर और डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का जमीनी निरीक्षण शुरू कर दिया है। दरअसल, 5 जून 2026 को रूटीन चेकिंग के दौरान दूषित पानी (सीवेज) में यह वायरस पाया गया था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए 12 संवेदनशील इलाकों में घर-घर जाकर डेढ़ लाख बच्चों का सर्वे किया और विशेष टीकाकरण अभियान चलाया था।
नोट: डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत पूरी तरह से पोलियो-मुक्त बना हुआ है और सीवेज में मिले इस कमजोर वायरस से जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
हिंडन बैराज मार्ग का बंद होना (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की चौथी खबर इंदिरापुरम, सिद्धार्थ विहार और वसुंधरा की तरफ आने-जाने वाले लोगों के लिए बेहद जरूरी है। हिंडन बैराज के निरीक्षण मार्ग पर सुरक्षा के मद्देनजर लोहे की जाली (Safety Mesh) बदलने का काम शुरू होने के कारण, इस रास्ते को 1 सितंबर से 30 सितंबर तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आगरा नहर के ओखला हेड वर्क्स खंड द्वारा बैराज पर सुरक्षा ग्रिल को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है, जिसकी वजह से इस मार्ग से वाहनों का आवागमन वर्जित रहेगा। इस बंदी के कारण लाइनपार क्षेत्र, प्रताप विहार, और सिद्धार्थ विहार से कनावनी व इंदिरापुरम की ओर रोज आने-जाने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
वाहन चालकों को जाम से बचने के लिए 5 से 10 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ सकता है। लोग इंदिरापुरम या दिल्ली आने-जाने के लिए मेरठ तिराहा, मोहन नगर, लिंक रोड या नेशनल हाईवे-9 (NH-9) के रास्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सरकारी वाहनों का बिना PUC के दौड़ना (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद की पांचवीं खबर सरकारी सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े दोहरे रवैये को उजागर करती है। शहर में जिन विभागों पर प्रदूषण रोकने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, उनके ही 335 सरकारी वाहन बिना वैध पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट वाले इन सरकारी वाहनों में अकेले पुलिस विभाग के करीब 140 वाहन शामिल हैं। पुलिस के अलावा नगर निगम, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सरकारी विभागों की गाड़ियों को मिलाकर यह संख्या 335 तक पहुंच गई है। एक तरफ दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण रोकने के लिए आम जनता के वाहनों की कड़ी चेकिंग की जा रही है और नियम टूटने पर 10,000 रुपये तक के भारी-भरकम चालान काटे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी वाहनों पर नियमों का यह उल्लंघन सिस्टम की बड़ी लापरवाही दिखाता है।












































