कश्मीर को धरती का जन्नत कहा जाता है। कश्मीर हमेशा ही सुर्खियों का हिस्सा बना रहता है। कभी घाटी के हालात चर्चाओं में रहते हैं, तो कभी ये राजनीति का मुख्य केंद्र बन जाता है। हालांकि इन सबके बीच एक चीज की कम ही बात होती है, वो है कश्मीरी युवाओं का टैलेंट। कश्मीर में ऐसे कई युवा हैं, जो अपने टैलेंट के जरिए बदलाव लाने का दम रखते हैं।
ऐसी ही एक कश्मीर की लड़की है हुमैरा जैन। 13 साल की हुमैरा जान एक रैपर हैं। वो अपनी शानदार रैप के चलते इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चाएं बटोर रही हैं। दरअसल, हुमैरा की रैप महिला सशक्तिकरण पर बेस्ड होती हैं। उन्होंने रैपिंग जगत में एक खास जगह बना ली है। अपने रैपिंग के जरिए हुमैरा लैंगिक असमानता के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।
गांदरबल में थुने कंगन के मेहराज-उद-दीन मगरे की हुमैरा जान ने महिला सशक्तिकरण के साथ साथ और भी कई गंभीर मुद्दों पर रैप लिखीं हैं, जो इन दिनों इंटरनेट पर काफी छा रही हैं।
हुमैरा एक इंटरव्यू में बताती हैं कि जब से वो सेकेंड क्लास में हैं, तब से ही रैप करती आ रही हैं। हालांकि इसको उन्होंने कभी गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन जब हुमैरा को मौका मिला, तो उन्हें लगा कि ये एक तरीका है जिसके जरिए वो बदलाव ला सकती हैं।
हुमैरा बताती हैं कि कई लोग उन्हें कहते हैं कि तुम एक लड़की हो। तुम्हें सोशल मीडिया नहीं यूज करना चाहिए। तुम हमारे गांव और कश्मीर का नाम खराब कर रही हो। हुमैरा कहती हैं कि इन सबके बावजूद वो आगे बढ़ रही हैं, क्योंकि वो अपना मैसेज समाज तक पहुंचना चाहती हैं।
हुमैरा रैप के जरिए समाज और इतिहास को बदलने की बात कहती हैं। उनका कहना है कि मैं चाहती हूं कि समाज बदले। समाज में जो लोग रहते हैं उनकी सोच बदलें। इतिहास वो अपनी रैप से बदलना चाहती हैं। पिछले साल हुमैरा ने मानसबल में एक रैप प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने पहला स्थान हासिल किया था।
हुमैरा के पिता एक एंबुलेंस ड्राइवर हैं। वो हुमैरा को रैपिंग में पूरा सपोर्ट करते हैं। उनका मानना है कि लड़के और लड़की में भेदभाव नहीं होना चाहिए। दोनों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। वहीं हुमैरा जम्मू कश्मीर के आर्मी गुडविल स्कूल में पढ़ती है। स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि उन्हें गर्व है कि उनके स्कूल में हुमैरा जैसी टैलेंटेड स्टूडेंट पढ़ती हैं।













































