क्या जंतर-मंतर की राह पर चल पड़ा झारखंड, छात्रों पर बरसीं लाठियां और वॉटर कैनन | JharKhand Student Protest

Rajni | Nedrick News JharKhand Published: 10 अगस्त 2026, 09:02 PM Updated: 10 अगस्त 2026, 09:14 PM
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JharKhand Student Protest News Update: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब चरम पर पहुंच गया है। प्रदर्शन के 36वें दिन और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन के 9वें दिन, हजारों छात्र आज विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। एक तरफ जहां छात्रों का कहना है कि उन्हें लाठी-डंडों का डर नहीं है क्योंकि राज्य में बीजेपी की सरकार नहीं है, वहीं दूसरी तरफ सत्तापक्ष (कांग्रेस-JMM) के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर सुगबुगाहट तेज है। इस लेख में हम जानेंगे कि आज के विधानसभा घेराव को लेकर क्या ताजा अपडेट्स हैं और JSSC-CGL तथा JPSC परीक्षाओं का वह क्या विवाद है, जिसे रद्द और जांच कराने की मांग को लेकर छात्र आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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एंबुलेंस से विधानसभा घेराव के लिए निकले देवेंद्र महतो

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन बेहद (JharKhand Student Protest) उग्र हो गया है। आज (10 अगस्त) छात्रों द्वारा पूर्व-निर्धारित विधानसभा घेराव (Vidhan Sabha March) किया जा रहा है। पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने के बावजूद, वे अस्पताल में भर्ती होने के बजाय सीधे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव के लिए कूच कर चुके हैं। प्रशासन ने रांची की सड़कों पर कंटीले तारों की भारी बैरिकेडिंग कर रखी है, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

लाठीचार्ज का डर नहीं’ और छात्रों का आक्रोश

रांची प्रशासन ने विधानसभा जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर कंटीले तारों की भारी बैरिकेडिंग लगा रखी है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। इसके बावजूद मार्च में शामिल छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रशासन के लाठीचार्ज या पानी की बौछारों का कोई डर नहीं है।

छात्रों ने राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा, “हमें लाठीचार्ज का डर नहीं है, यहां बीजेपी (BJP) की सरकार नहीं है।” उनका इशारा राज्य की वर्तमान जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन (हेमंत सोरेन) सरकार की तरफ है, जिससे वे न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

देवेंद्र महतो की शांतिपूर्ण क्रांति की अपील

छात्र नेता देवेंद्र महतो ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर युवाओं से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस रोकने की कोशिश करे, तो सुरक्षाबलों से उलझने की बजाय हाथ जोड़कर नए रास्तों से विधानसभा पहुंचें। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि यदि पुलिस लाठीचार्ज करे, तो किसी भी हिंसक प्रतिक्रिया के बिना वहीं खड़े होकर राष्ट्रगान गाएं।

JharKhand Student Protest में पुलिस का लाठीचार्ज और वॉटर कैनन

ताजा अपडेट के मुताबिक हज़ारों की संख्या में JPSC-JSSC अभ्यर्थी विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे। जैसे ही छात्रों ने सुरक्षा के लिए लगाई गई दूसरी लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पहले वॉटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल किया। वहीं जब पानी की बौछारों के बाद भी छात्र पीछे नहीं हटे, तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में कुछ छात्रों को चोटें आई हैं और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

बता दें कि मार्च शुरू होने से ठीक पहले झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आश्वासन दिया था कि छात्रों पर लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। लेकिन दोपहर होते-होते जब छात्र विधानसभा के बेहद करीब पहुँच गए, तो सुरक्षाबलों को बल प्रयोग करना पड़ा। इस लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद छात्र सड़कों पर डटे हुए हैं। स्ट्रेचर पर लेटे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी युवाओं के साथ मार्च में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

आखिर क्या है JSSC CGL? जिससे उपजा है यह विवाद

यह झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली Combined Graduate Level (स्नातक स्तरीय) परीक्षा है। यह परीक्षा झारखंड राज्य के सरकारी विभागों में ‘ग्रुप बी’ और ‘ग्रुप सी’ के महत्वपूर्ण पदों पर नौकरी पाने के लिए आयोजित की जाती है।

विवाद क्या है?

जनवरी 2024 में इस परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद भारी बवाल के बीच परीक्षा को रद्द करना पड़ा। इसके बाद से ही छात्र मानसिक तनाव में हैं। अब छात्रों की मांग है कि इस परीक्षा की नई तारीख (Re-exam Date) तुरंत जारी की जाए और पुरानी धांधली की जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए। आइए इसे 3 आसान बिंदुओं में समझते हैं:

1. यह नौकरी किसके लिए है?

अगर आपने देश के किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन (सनातक) की पढ़ाई जैसे- B.A, B.Sc, B.Com, B.Tech आदि पूरी कर ली है, तो आप इस परीक्षा में शामिल होने के योग्य हैं।

2. इसमें कैसी नौकरियां मिलती हैं?

इस परीक्षा को पास करने के बाद आपको झारखंड सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और ब्लॉक स्तर पर रौबदार और जिम्मेदार पद मिलते हैं, जैसे:

  • सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (Assistant Section Officer – ASO): रांची सचिवालय (Secretariat) में बैठकर काम करने वाली प्रतिष्ठित डेस्क जॉब।
  • प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (Block Supply Officer): ब्लॉक स्तर पर राशन और सरकारी सप्लाय की जिम्मेदारी संभालने वाला पद।
  • अंचल निरीक्षक (Circle Inspector): जमीन-जायदाद और राजस्व से जुड़े सरकारी काम देखने का पद।
  • प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (Block Welfare Officer): सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने का काम।

3. नौकरी पाने का तरीका क्या है?

झारखंड CGL (JSSC CGL) परीक्षा का पैटर्न केंद्र सरकार की परीक्षाओं से काफी अलग होता है। इसमें केवल एक ही मुख्य परीक्षा (Main Exam) होती है, जिसमें तीन पेपर होते हैं:
ओएमआर (OMR) आधारित परीक्षा: यह परीक्षा कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि पेन और पेपर मोड (OMR Sheet) पर होती है।

  • पेपर 1: भाषा ज्ञान (हिंदी और अंग्रेजी – यह सिर्फ पास करना होता है)।
  • पेपर 2: क्षेत्रीय या जनजातीय भाषा (जैसे खोरठा, नागपुरी, संथाली, उर्दू आदि – इसके नंबर मेरिट में जुड़ते हैं)।
  • पेपर 3: सामान्य ज्ञान (इसमें झारखंड जीके, सामान्य गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और रीजनिंग के सवाल होते हैं)।

सीधे नौकरी: इस एक परीक्षा में मिलने वाले नंबरों (मेरिट) के आधार पर सीधे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है और नौकरी मिल जाती है। इसमें कोई इंटरव्यू या Tier-1/Tier-2 का झंझट नहीं होता।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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