Brij Bhushan Singh acquitted: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में आज, 3 अगस्त को पूर्व कुश्ती संघ प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बरी हो गए हैं। जिसके बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है, और सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहां एक तरफ लोग इसे न्याय व्यवस्था की नाकामी बताते हुए कह रहे हैं कि ‘कानून सच में अंधा है’,
वहीं दूसरी तरफ कई यूजर्स ‘सत्यमेव जयते’ लिखकर इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं। लेकिन क्या बृजभूषण सिंह की मुश्किलें वाकई खत्म हो गई हैं? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि इस पूरे फैसले पर मुख्य प्रदर्शनकारी पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट का क्या कहना है और उनका अगला कदम क्या होगा?
और पढ़ें: कश्मीर में फिर दोहराया पहलगाम कांड, कुलगाम आतंकी हमले के बाद उठे 3 बड़े सवाल! | Kulgam Terror Attack
हाई कोर्ट जाएगी कानूनी लड़ाई, मुश्किलें बरकरार
अदालत के इस फैसले के तुरंत बाद पहलवानों के बयानों से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि यह कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने इस फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और इसे दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने का साफ ऐलान किया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने भले ही पूर्व कुश्ती संघ (WFI) प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया हो, लेकिन पहलवानों का रुख साफ करता है कि आने वाले दिनों में सिंह की कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं।
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व भाजपा सांसद और WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार की अदालत ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद… pic.twitter.com/fSh3nFJv1j
— Nedrick News (@nedricknews) August 3, 2026
बजरंग पूनिया ने अपने बयान से किया साफ
राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए बजरंग पूनिया ने कहा, “आज के फैसले से यह साफ हो गया है कि सारी ताकत बृजभूषण के पास है। उन्होंने गवाह तोड़ दिए।” उन्होंने बताया कि वे अभी कोर्ट के आदेश की कॉपी का अध्ययन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर बरी किया गया है। पूनिया ने स्पष्ट किया कि वे इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ जल्द ही दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगे। उन्होंने साफ किया कि न्याय मिलने तक पहलवानों की यह कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
विनेश फोगाट का रुख
बजरंग पूनिया के सुर में सुर मिलाते हुए विनेश फोगाट ने भी सोशल मीडिया पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल उठाए, विनेश ने आरोप लगाया कि “पूरे सिस्टम” ने मिलकर बृजभूषण शरण सिंह को बचाने के लिए काम किया है। उन्होंने साफ किया कि देश की महिला पहलवान इस फैसले से टूटने वाली नहीं हैं और वे हार नहीं मानेंगी। उन्होंने भी बजरंग की बात को दोहराते हुए कहा कि वे न्याय के लिए इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगी।
Brij Bhushan Singh ने क्या कहा?
दूसरी ओर, पूर्व कुश्ती संघ प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने कोर्ट के इस फैसले को “सच्चाई की जीत” बताया है। बरी होने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले दिन से कह रहे थे कि वे निर्दोष हैं। उन्होंने ने दावा किया कि उनके खिलाफ की गई पूरी शिकायत और प्रदर्शन एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने आगे कहा कि अदालत के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे थे। उन्होंने न्यायपालिका का आभार जताते हुए इसे न्याय और सत्य की बड़ी जीत बताया।





























