Uttarakhand weather update: उत्तराखंड में मानसून अब राहत नहीं बल्कि मुसीबत बनता जा रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 जुलाई के लिए राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर का अलर्ट जारी किया है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश, हेली सेवाएं भी रहेंगी तैयार| Uttarakhand weather update
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हेली सेवाओं का तुरंत इस्तेमाल किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और बचाव दल जल्द पहुंच सकें। साथ ही बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हुई सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने के आदेश भी दिए गए हैं।
तीन जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
लगातार खराब मौसम को देखते हुए टिहरी, चंपावत और बागेश्वर जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, निजी और गैर-सरकारी स्कूल बुधवार को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इन जिलों के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। वहीं चमोली प्रशासन ने भी लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं। वहीं हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की गई है।
ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ा, लोगों को चेतावनी
लगातार बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है। वहीं हरिद्वार में भीमगोड़ा बैराज पर श्रीनगर डैम और पशुलोक बैराज से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के बाद गंगा 293 मीटर के चेतावनी स्तर तक पहुंच गई है। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
चारधाम यात्रा पर फिर लगी रोक, यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील
खराब मौसम और सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा बुधवार को भी स्थगित रहेगी। प्रशासन ने यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से कहा है कि वे मौसम सामान्य होने और अगले आदेश तक जहां हैं, वहीं सुरक्षित स्थानों पर ठहरें।
चमोली और उत्तरकाशी में सड़कें बंद, राहत कार्य जारी
चमोली जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण 12 ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। हालांकि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को बीआरओ और प्रशासन की टीमों ने लगातार चालू रखा है, जिससे बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिली है। वहीं उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पालीगाड और स्यानाचट्टी के पास पिछले 26 घंटे से बंद है। लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण मार्ग खोलने में दिक्कत आ रही है। दोनों ओर यात्री और जरूरी सामान लेकर जा रहे वाहन फंसे हुए हैं। दूसरी ओर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। जिले के करीब 10 ग्रामीण संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं।
बागेश्वर और देहरादून में हालात गंभीर
बागेश्वर में भागरथी गधेरा उफान पर है और पानी सड़क तक पहुंच गया है, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। वहीं देहरादून के मालदेवता में 233 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। हाथीबड़कला, जौलीग्रांट और मसूरी में भी 150 मिमी से अधिक बारिश हुई है। सॉन्ग नदी उफान पर है और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में बढ़ा खतरा
रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने से केदारनाथ और बद्रीनाथ यात्रा मार्गों पर संवेदनशील क्षेत्र सक्रिय हो गए हैं। वहीं बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने सभी आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है।
अगले तीन दिन भी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक 30 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश जारी रह सकती है। 31 जुलाई को भी देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर और नैनीताल में बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं 1 अगस्त को पिथौरागढ़ और चंपावत में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और केवल प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
































