क्या भारत में बैन होगा Facebook? PM Modi के वीडियो पर विवाद के बाद सरकार सख्त!

Rajni | Nedrick News India Published: 28 जुलाई 2026, 06:55 PM Updated: 28 जुलाई 2026, 06:55 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

PM Modi video ban Facebook: क्या सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के वीडियो भी सुरक्षित नहीं हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को बैन करना फेसबुक को भारी पड़ गया है, जहां चौतरफा घिरी मेटा कंपनी को अब सीधे भारत सरकार के कड़े एक्शन का सामना करना पड़ रहा है। जानिए क्यों फेसबुक की एक गलती ने उसे भारत सरकार के सीधे निशाने पर ला खड़ा किया है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि इस पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी

और पढ़ें: छात्रों को खाना खिलाने वाले Junaid Malik पर क्यों उठे सवाल? जुनैद ने खुद बताया सच!

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के वीडियो को फेसबुक से हटाए जाने के मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) इस संबंध में मेटा (Meta) के अधिकारियों को जवाब-तलब करने के लिए समन जारी करने की तैयारी में है। हालांकि, विवाद बढ़ता देख फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने तुरंत अपनी गलती स्वीकार कर ली। कंपनी ने सरकार से आधिकारिक तौर पर माफी मांगते हुए वीडियो को प्लेटफॉर्म पर दोबारा बहाल (Restore) कर दिया है।

क्या हुआ था 28 जुलाई 2026 की सुबह?

28 जुलाई 2026 की सुबह फेसबुक ने भारत में पीएम मोदी (PM Modi) के एक वीडियो संदेश को कुछ समय के लिए रिस्ट्रिक्ट (प्रतिबंधित) कर दिया था। जब यूजर्स ने उस वीडियो को खोलने की कोशिश की, तो स्क्रीन पर एक नोटिस दिखा कि यह कंटेंट किसी ‘कानूनी रिक्वेस्ट’ (Legal Request) के कारण भारत में उपलब्ध नहीं है।

क्या था PM Modi के वीडियो में?

इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्र प्रदर्शनों के बीच सीधे देश के युवाओं (Gen Z) से संवाद किया था। पहली बार एक अलग और अनूठे अंदाज में जारी किए गए इस सेल्फी वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने निम्नलिखित बड़े वादे किए थे:

  • सख्त कानून का वादा: NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक विवाद को लेकर कैबिनेट में एक नया और बेहद सख्त बिल लाने का ऐलान किया था।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट: पेपर लीक माफिया और दोषियों को तुरंत सजा दिलवाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) गठित करने का भरोसा दिया था।
  • छात्रों के भविष्य की सुरक्षा: उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी और प्रभावित छात्रों के अकादमिक साल को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

Meta ने दी सफाई

विवाद बढ़ते ही मेटा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी (PM Modi) का वीडियो किसी कानूनी अनुरोध (Legal Request) या पॉलिसी एक्शन के तहत ब्लॉक नहीं हुआ था। यह महज एक तकनीकी और संचालन संबंधी त्रुटि (Technical Glitch) के कारण हुआ। कंपनी ने स्वीकार किया कि यह कंटेंट गलती से (In Error) प्लेटफॉर्म से हट गया था, जिसे तुरंत रीस्टोर कर दिया गया है। मेटा ने इस चूक पर गहरा खेद जताते हुए भारत सरकार और आईटी मंत्रालय (MeitY) से लिखित में माफी भी मांगी है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds