Gautam Adani bought Isarael Port : आखिर क्यों 'Gautam Adani' ने इजरायल का पोर्ट खरीदने के लिए पानी की तरह बहा दिया पैसा?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 Jul 2022, 12:00 AM | Updated: 20 Jul 2022, 12:00 AM

 एशिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल गौतम अडानी ने इजरायल का पोर्ट खरीदने के लिए (Gautam Adani Bought Isarael Port) के लिए 1.8 अरब डॉलर में सौदा किया है, जिसके साथ ही अडानी ग्रुप (Adani Group) ने इस्राइल के दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह हाइफा पोर्ट (Haifa Port) का अधिग्रहण कर लिया है। इस बड़े सौदे की कहानी अब इजरायल से लेकर भारत तक चर्चा है। बता दें , अडानी ग्रुप ने इस बंदरगाह पर अधिग्रहण के लिए इतनी बड़ी बोली लगाई कि कीमत सुनकर सौदे में आई कंपनियां पहले ही पीछे हट गईं, तो कईयों के इतनी बड़ी बोली सुनकर पसीने छूट गए।

इजरायल की मीडिया द्वारा इसे एक बड़ा राजनीतिक कदम बताया जा रहा है। इजरायल के अखबार (Daily Ha’aretz) की रिपोर्ट के मुताबिक – हाइफा बंदरगाह की नीलामी प्रक्रिया में भारतीय कंपनी अडानी और उसकी निकटतम प्रतिस्पर्धी कंपनी के बीच बोली की कीमत में अंतर से पता चलता है कि इस सौदे के लिए पैसे बहुत मायने नहीं रखते थे। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने इजरायल के गैडोट ग्रुप के साथ संयुक्त रूप से हाइफा बंदरगाह के निजीकरण का टेंडर जितने में सफल रहीं थी। 

अडानी कंपनी की 70 फीसदी हिस्सेदारी

इजरायल के हाइफा बंदरगाह (Isarael Haifa Port) अडानी ग्रुप ने इजरायल की कंपनी गैडोट ग्रुप से साझेदारी की है। इसमें अडानी पोर्ट्स की 70 प्रतिशत तो गैडोट की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बताया जा रहा है कि पोर्ट की नीलामी में कई बड़ी कंपनियां आईं थीं। लेकिन जब उन्होंने अडानी ग्रुप की बोली के बारे में सुना तो वह सभी कंपनियां पीछे हट गईं। बताया जा रहा है कि इजरायल सरकार को भी अंदाजा नहीं था कि इसकी बोली इतनी जा सकती है। (Gautam Adani) के इस बड़े सौदे को बड़े अंतराष्ट्रीय राजनीति फायदें के रूप में भी देखा जा रहा है। क्यूंकि यह बोली ऐसे समय में लगाई गई है, जब I2U2 सदस्य देशों की वर्चुअल कांफ्रेंस हुई है। यह संगठन भारत, इजरायल , अमेरिका और यूएई ने मिलकर बनाया है। संगठन का उद्धेश्य आपसी साझेदारी और व्यापार के साथ चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करना है।

 इजरायल और अडानी दोनों सौदे से खुश 

अडानी की कंपनी भारत में 13 समुद्री टर्मिनल्स को ऑपरेट करती है। जबकि अडानी समूह की पश्चिमी देशों में कोई होल्डिंग नहीं है, इसलिए इजरायल में कंपनी के प्रवेश को एशिया और यूरोप के बीच समुद्री आवागमन का बढ़ता संकेत माना जा रहा है। वहीं, इजरायल को लगता है कि उनके देश में अडानी के प्रवेश के बाद भविष्य में यहां भारत से और भी निवेश होगा, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में। अडानी समूह पहले ही भारत में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग इकाई की स्थापना करने के लिए इजरायल की अग्रणी रक्षा कंपनियों के साथ हाथ मिला रहा है। गौतम अडानी की इस नए सौदे के कारण  (Gautam Adani bought Isarael Port) भारत की चर्चा पूरी अंतराष्ट्रीय मीडिया में हैं। 

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