Ketan Agarwal Murder Case: लोहगढ़ फोर्ट पर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने इस केस को और भी सनसनीखेज बना दिया है। शुरुआती दौर में जिस घटना को हादसा माना जा रहा था, अब जांच में वह एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन ने केतन की हत्या के लिए कई बार कोशिश की थी। आखिरकार चौथे प्रयास में इस कथित साजिश को अंजाम दिया गया।
ट्रैकिंग के शौक को बनाया मौत का जाल| Ketan Agarwal Murder Case
पुलिस जांच में सामने आया है कि केतन को ट्रैकिंग का बेहद शौक था। आरोपियों ने इसी आदत का फायदा उठाया और लोहगढ़ फोर्ट को कथित तौर पर हत्या की जगह के रूप में चुना। योजना यह थी कि पहाड़ी से धक्का देकर मौत को हादसे का रूप दिया जाए, ताकि किसी को शक न हो।
तीन बार बनाई योजना, लेकिन हर बार रुक गए कदम
जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश कई हफ्ते पहले से रची जा रही थी। पहली कोशिश 31 मई को हुई, जब सिया और केतन लोहगढ़ फोर्ट पहुंचे थे। आरोप है कि सुनसान जगह पर केतन को धक्का देने की योजना थी, लेकिन आखिरी वक्त पर सिया ऐसा नहीं कर सकी। इसके बाद 1 जून को नया प्लान बनाया गया और 4 जून को उसे अंजाम देने की कोशिश की गई। हालांकि यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया।
तीसरी बार 14 जून को दोनों फिर लोहगढ़ फोर्ट पहुंचे। इस बार भी कथित तौर पर सिया को केतन को धक्का देना था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई और योजना एक बार फिर विफल हो गई।
बाली ट्रिप रोकने के लिए पासपोर्ट किया नष्ट
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 6 जून को केतन और सिया की बाली यात्रा तय थी। जांच में दावा किया गया है कि चेतन इस यात्रा के खिलाफ था। आरोप है कि मुंबई एयरपोर्ट जाते समय सिया ने होटल में मोबाइल भूलने का बहाना बनाया और वॉशरूम में जाकर केतन का पासपोर्ट फाड़कर फ्लश कर दिया। पासपोर्ट न मिलने के कारण दोनों की यात्रा रद्द हो गई। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद केतन को शक होने लगा था और दोनों के बीच लगातार विवाद बढ़ने लगे थे।
‘अब केतन को मैं मारूंगा’
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि लगातार तीन बार योजना विफल होने के बाद चेतन ने खुद हत्या करने का फैसला किया। सूत्रों के अनुसार, 14 जून के बाद उसने सिया से कहा कि अब अगला प्लान 18 जून का होगा और इस बार वह खुद केतन को रास्ते से हटाएगा।
18 जून को अंजाम तक पहुंची कथित साजिश
पुलिस का कहना है कि 18 जून को चेतन पहली बार खुद लोहगढ़ फोर्ट पहुंचा। जांच के अनुसार, इसी दिन कथित तौर पर हत्या की योजना को अंजाम दिया गया। पुलिस का दावा है कि ट्रैकिंग से बचने के लिए चेतन ने अपने मोबाइल की जगह अपने कर्मचारी नीरज कुमार का फोन इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों को सिया और चेतन के बीच 18 जून को हुई कई चैट्स और डिजिटल रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिन्हें इस मामले में अहम सबूत माना जा रहा है।
19 जून के जन्मदिन से पहले क्यों चुनी गई तारीख?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 19 जून को सिया का जन्मदिन था और केतन उसे महाबलेश्वर ले जाने की तैयारी कर रहा था। दावा है कि चेतन किसी भी कीमत पर यह यात्रा नहीं होने देना चाहता था। इसी वजह से 18 जून को कथित हत्या की अंतिम तारीख तय की गई।
पूछताछ में एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
जांच के दौरान सिया ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, यही इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह बनी। हालांकि अब दोनों आरोपी अंतिम धक्का किसने दिया, इस सवाल पर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। चेतन का कहना है कि केतन को सिया ने धक्का दिया था, जबकि सिया का दावा है कि यह काम चेतन ने किया। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।
































