NEET Paper Leak 2026: एक समाज में शिक्षक का पद सबसे पूजनीय होता है और छात्र सबसे ज्यादा भरोसा अपने गुरु पर ही करते हैं। लेकिन क्या हो जब देश के सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पैनल से जुड़े शिक्षक ही चंद पैसों के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने लगें? ऐसे में आप किस पर भरोसा करेंगे? नीट पेपर लीक मामले में पुणे से आई खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, जहां सीबीआई ने एक ऐसे ही शर्मनाक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। तो चलिए जानते हैं कि इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल है और छात्रों से कितने लाख की वसूली की जा रही थी!
जांच में चौंकाने वाले खुलासे
नीट-यूजी (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। दैनिक भास्कर के अनुसार, इस मामले में देश भर से अब तक 9 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और इसका सबसे हैरान करने वाला कनेक्शन महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया है। सीबीआई (CBI) ने पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि वही इस पूरे पेपर लीक रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड (Kingpin) है।
सीबीआई के मुताबिक, पी.वी. कुलकर्णी कई सालों तक नीट (NEET) का पेपर तैयार करने वाले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गोपनीय एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रह चुका था। इसी वजह से उसकी प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। आरोप है कि उसने परीक्षा से ठीक पहले अपने घर पर स्पेशल क्लासेस चलाकर छात्रों को हूबहू वही सवाल और उनके जवाब रटवा दिए थे, जो परीक्षा में आने वाले थे।
कितने आरोपी हुए गिरफ्तार (NEET Paper Leak 2026)
इस नीट पेपक लीक रैकेट में कौन-कौन शामिल है और अब तक कितनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। प्रमुख आरोपियों और उनके कारनामों का विवरण नीचे दिया गया है:
| आरोपी का नाम | पद/पेशा | मुख्य आरोप |
| पी. वी. कुलकर्णी (P.V. Kulkarni) | रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर, पुणे/लातूर | मास्टरमाइंड (Kingpin); NTA परीक्षा प्रक्रिया पैनल का हिस्सा होने के कारण रसायन विज्ञान (Chemistry) के पेपर तक सीधी पहुंच थी। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में घर पर स्पेशल क्लास बुलाकर छात्रों को हूबहू वही प्रश्न, विकल्प और उत्तर रटवाए जो परीक्षा में आए। |
| मनीषा गुरुनाथ मंधारे (Manisha G. Mandhare) | सीनियर बॉटनी प्रोफेसर, मॉडर्न कॉलेज पुणे | सह-मुख्य साजिशकर्ता; NTA की विषय विशेषज्ञ (Subject Expert) थीं, जिससे बॉटनी और जूलॉजी (Biology) के प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी। अपने घर पर सीक्रेट क्लास चलाकर छात्रों को नोटबुक में परीक्षा के प्रश्न नोट करवाए। |
| मनीषा वाघमारे (Manisha Waghmare) | ब्यूटीशियन, पुणे | बिचौलिया (Intermediary); प्रोफेसर कुलकर्णी और मंधारे के लिए माता-पिता और छात्रों से संपर्क साधकर उन्हें इकट्ठा करती थी। ‘मॉक टेस्ट’ और ‘गेस पेपर’ के बहाने छात्रों को जाल में फंसाती थी और पेमेंट्स के लिए बैंक खाते मैनेज करती थी। |
| मंगीलाल बिवाल (उर्फ मंगीलाल खटीक) | आरोपी, जयपुर (राजस्थान) | पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़े मिडलमैन; टेलीग्राम के जरिए 10 लाख की डील में प्रश्नपत्रों की PDF हासिल की और इसे अपने परिवार और रिश्तेदारों में बांटा। |
| विकास बिवाल और दिनेश बिवाल | आरोपी, जयपुर (राजस्थान) | मंगीलाल बिवाल का बेटा और परिवार के सदस्य; इन्होंने लीक पेपर को आगे छात्रों को बेचकर पैसे वसूलने का काम किया। |
| यादव (Yadav) | आरोपी, गुरुग्राम (हरियाणा) | टेलीग्राम के जरिए राजस्थान के बिवाल परिवार तक लीक प्रश्नपत्रों की PDF पहुंचाने की अहम कड़ी। |
| धनंजय लोखंडे और खैरनार | आरोपी, अहिल्यानगर और नासिक | इस अंतर-राज्यीय नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर छात्रों को जोड़ने और पेपर लीक सामग्री को सर्कुलेट करने का आरोप। |
घर पर चल रही थी स्पेशल क्लास (NEET Paper Leak 2026)
सीबीआई (CBI) की जांच में सामने आया है कि प्रोफेसर कुलकर्णी पुणे में अपने घर पर ‘राज कोचिंग क्लासेस’ के नाम से कोचिंग चलाता था। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में उसने बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे के साथ मिलकर कुछ चुनिंदा छात्रों को एक ऐसी “स्पेशल क्लास” दी, जिसमें कथित तौर पर हूबहू वही सवाल पढ़ाए गए जो बाद में नीट परीक्षा में आए थे।
सीबीआई का साफ कहना है कि छात्रों को परीक्षा के प्रश्नों का सिर्फ कोई अंदाजा या ‘गेस’ नहीं दिया गया था, बल्कि उन्हें सवालों के साथ-साथ उनके सही जवाब और विकल्प (Options) तक रटवाए गए थे।
टेलीग्राम ग्रुप से फैला पेपर
जांच एजेंसी को छानबीन के दौरान पता चला है कि 1 मई की रात को प्राइवेट माफिया नाम के एक गुप्त टेलीग्राम ग्रुप में नीट परीक्षा के पेपर की पीडीएफ (PDF) शेयर की गई थी। इस ग्रुप में करीब 402 सदस्य जुड़े हुए थे।
ग्रुप के एडमिन ने पेपर डालने से ठीक पहले एक मैसेज लिखा था कि ‘जल्द ही पूरा पेपर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद बकायदा उसका पासवर्ड भी शेयर किया गया। मैसेज के कुछ ही मिनटों बाद ग्रुप में पीडीएफ अपलोड कर दी गई और दावा किया गया कि 99.99 प्रतिशत यही पेपर परीक्षा में आएगा।
हालांकि, यह कानूनी तौर पर अभी पूरी तरह साबित होना बाकी है कि क्या वह बिल्कुल हूबहू असली पेपर था, लेकिन सीबीआई की शुरुआती जांच में उस पीडीएफ के कई सवाल असली नीट (NEET) के प्रश्नपत्र से मैच करते हुए पाए गए हैं।
150 सवाल मैच होंगे कहकर किया गया सौदा (NEET Paper Leak 2026)
सीबीआई (CBI) की जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान के आरोपी मांगीलाल बीवाल ने अपने बेटे के लिए इस लीक पेपर की डील 10 लाख में तय की थी। दलालों द्वारा उसे बकायदा यह भरोसा दिलाया गया था कि लीक पीडीएफ में से कम से कम 150 सवाल असली परीक्षा के पेपर से हूबहू मैच करेंगे। इस डील के बाद लीक हुए सवालों की प्रिंटेड कॉपियां कई अन्य छात्रों और उनके परिजनों में बांटी गईं। इतना ही नहीं, जांच एजेंसी को पता चला है कि कुछ छात्रों तक यह लीक सामग्री वॉट्सऐप (WhatsApp) और इंस्टाग्राम (Instagram) के जरिए भी डिजिटली पहुंचाई गई थी।
सबूत मिटाने की कोशिश
CBI ने कोर्ट को बताया कि आरोपी यश यादव ने अपने iPhone से कई अहम चैट डिलीट कर दी थीं। इनमें मांगीलाल और दूसरे आरोपियों के साथ हुई बातचीत शामिल थी। जांच एजेंसी अब डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
कोर्ट में क्या हुआ? (NEET Paper Leak 2026)
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। कोर्ट ने पीवी कुलकर्णी और मनीषा मंधारे को 10 दिन की CBI कस्टडी में भेजा। शुभम खैरनार समेत 5 आरोपियों को 7 दिन की रिमांड दी।
CBI ने कोर्ट में कहा कि इस मामले के तार NTA के अंदरूनी लोगों तक जुड़े हो सकते हैं, जिनमें पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स भी शामिल हैं। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में कितने लोग शामिल थे और पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था।






























