Agra Transporter Murder Case: उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत का मामला अब और ज्यादा चर्चाओं में आ गया है। इस केस में सोशल मीडिया पर वायरल हुई तीन कथित ऑडियो क्लिप्स ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। दावा किया जा रहा है कि इन ऑडियो क्लिप्स में कथित पत्रकार रवि यादव और नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी अजय पाल यादव के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। हालांकि, इन ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर अजय पाल यादव, रवि यादव से पूरे मामले की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। बातचीत में यह भी कहा जा रहा है कि “बस एक बार इसे अपने ऊपर ले लो, मैं और मेरी पत्नी जिंदगी भर तुम्हारी गुलामी करेंगे।” ऑडियो सामने आने के बाद पूरे मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, अजय पाल यादव ने इन क्लिप्स को फर्जी बताते हुए दावा किया है कि इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया है।
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गोदाम के पास मिला था असगर अली का शव| Agra Transporter Murder Case
जानकारी के मुताबिक, शाहगंज इलाके के मेवाती नगला निवासी असगर अली ट्रांसपोर्ट का काम करते थे और ‘अजमन ट्रांसपोर्ट’ नाम से कारोबार चलाते थे। तीन अप्रैल को वह अपनी गाड़ी लेकर निकले थे। आरोप है कि कौरई टोल के पास जीएसटी अधिकारियों ने उनकी गाड़ी को रोका था।
ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत की साज़िश गहराती जा रही है। हत्या में उपयोग की हुई कार वर्तमान में आगरा में एक गौशाला में काम करने वाले व्यक्ति के नाम में है लेकिन इससे पहले यह गाड़ी आगरा के पशु चिकित्सा अधिकारी अजय यादव के भाई के नाम पर थी।
अजय यादव जीएसटी अधिकारी निवेदिता सिंह… https://t.co/BVCgWjKhtD pic.twitter.com/MXQTsKGmLJ
— Madan Mohan Soni (@madanmohansoni) May 17, 2026
बताया गया कि अधिकारियों ने असगर अली को वाहन से उतार दिया और उनकी गाड़ी को पकड़कर जयपुर हाउस स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय ले जाया गया। इसके अगले दिन सुबह असगर अली का शव उनके गोदाम के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। इस घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया था।
बेटे ने जताई थी हत्या की आशंका
असगर अली की मौत के बाद उनके बेटे सजमन अली ने पुलिस को तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई थी। शिकायत में जीएसटी अधिकारियों के साथ-साथ नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी अजय पाल यादव, कथित पत्रकार रवि यादव, कामरान वारसी और चालक दिनेश सोलंकी के नाम शामिल किए गए थे।
शुरुआत में पुलिस इस मामले को हिट एंड रन केस मानकर जांच कर रही थी, लेकिन करीब डेढ़ महीने की जांच के बाद केस में बड़ा बदलाव किया गया। पुलिस ने मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम कर दिया। जांच में कथित पत्रकार रवि यादव और कामरान वारसी को मुख्य आरोपी माना गया है।
वायरल ऑडियो ने बढ़ाई हलचल
हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद रवि यादव की पत्नी निशा यादव ने सोशल मीडिया पर तीन ऑडियो क्लिप्स वायरल कर दीं। इन क्लिप्स में कथित तौर पर रवि यादव खुद को बेगुनाह बताते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में रवि यह कहते हुए सुनाई देते हैं कि “जब मैं गाड़ी चला ही नहीं रहा था, तो मेरे ऊपर फैसला कैसे ले लिया गया?” इसके जवाब में दूसरी ओर से आवाज आती है कि “तुम बस एक बार यह अपने ऊपर ले लो, तुम्हें मजिस्ट्रेट के सामने भी खड़ा नहीं होने दिया जाएगा।”
इन ऑडियो क्लिप्स के वायरल होने के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन ऑडियो की सत्यता पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले को लेकर डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने कहा कि ट्रांसपोर्टर हत्याकांड की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल, आगरा का यह चर्चित मामला लगातार नए खुलासों और आरोप-प्रत्यारोप के चलते सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस अब वायरल ऑडियो, डिजिटल सबूत और आरोपियों की भूमिका को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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