Top 5 Ghaziabad News: इंसाफ का कत्ल? 45 दिन बाद भी फरार है आरोपी मैनेजर, कहीं आग का तांडव तो कहीं बिछी लाशें!

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 29 Apr 2026, 06:54 AM | Updated: 29 Apr 2026, 06:54 AM

Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद में आज शहर से पांच ऐसी खबरें सामने आई हैं जिन्होंने व्यवस्था, सुरक्षा और इंसाफ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज हम बात करेंगे इंदिरापुरम में आग के तांडव से लेकर हाईवे पर रफ्तार के कहर की, और जानेंगे क्यों एक पीड़िता डेढ़ महीने बाद भी न्याय के लिए भटक रही है। साथ ही, मजदूरों के हक और दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर प्रशासन की लापरवाही की भी पड़ताल करेंगे। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है गाजियाबाद की आज की 5 बड़ी खबरें।

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इंदिरापुरम की गौर ग्रीन सोसाइटी में भीषण आग से मची अफरा-तफरी

गाजियाबाद में आज सुबह जहां सुहाने मौसम ने लोगों को राहत दी, वहीं इंदिरापुरम की एक हाईराइज बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने दहशत फैला दी। 2 किलोमीटर दूर से ही आसमान में उठते धुएं के गुबार को देख लोग घरों से बाहर निकल आए। ‘कहीं कूड़ा, तो कहीं आग’ आज पॉश इलाके इंदिरापुरम की यह बदहाल तस्वीर कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। जब शहर के सबसे विकसित इलाके का यह हाल है, तो बाकी इलाकों की सुरक्षा और व्यवस्था का क्या होगा?

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में आज बुधवार (29 अप्रैल) की सुबह करीब 8:30 बजे भीषण आग ने कोहराम मचा दिया। अभय खंड स्थित इस सोसाइटी के एक टावर की 9वीं मंजिल से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते ऊपर की मंजिलों के करीब 10-12 फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार छा गया।

सूचना मिलते ही दमकल की 6 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा के मद्देनजर पूरी बिल्डिंग को खाली करा लिया गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि फ्लैटों में रखा सामान जलकर खाक हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, शुरुआती जांच में आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

बुलंदशहर हाईवे पर हादसा में नोएडा से लौट रहे 2 युवकों की मौत (Top 5 Ghaziabad News)

गाजियाबाद में मौसम का मिजाज बदला तो लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन हादसों की खबर ने जल्द ही इस सुकुन को मातम में बदल दिया। इंदिरापुरम में धुएं के गुबार के बीच दहशत का माहौल रहा, तो वहीं दूसरी तरफ बुलंदशहर हाईवे पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। नोएडा से लौट रहे दो युवकों के लिए आज की यह सुबह आखिरी साबित हुई। तेज रफ्तार ईको वैन हाईवे किनारे दीवार से टकरा गई, जिससे दो घरों के चिराग बुझ गए।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बुलंदशहर के अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे पर आज तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें नोएडा की पोर्टवे कंपनी से ड्यूटी कर घर लौट रहे दो युवकों की जान चली गई। कोतवाली देहात क्षेत्र के भांटगढ़ी गांव के पास सुबह करीब 5:30 बजे, तेज रफ्तार ईको वैन अनियंत्रित होकर एक साबुन फैक्ट्री की दीवार से जा टकराई, अंदेशा है कि हादसा चालक को नींद की झपकी आने की वजह से हुआ।

इस भीषण टक्कर में वलीपुरा निवासी नवीन सैनी (30) और स्याना बस अड्डा निवासी तेजेंद्र (32) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक आदिल और वीरेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मजदूरों को 7 मई तक बढ़ा वेतन न देने वाली फर्में होंगी ब्लैक लिस्ट

हादसों के दुखद साये के बीच, गाजियाबाद से आज की तीसरी बड़ी खबर श्रमिकों के हक से जुड़ी है। गाज़ियाबाद की उन सभी फर्मों के लिए यह आखिरी चेतावनी है जो वेतन वृद्धि को लेकर ढिलाई बरत रही हैं। सरकारी आदेश के मुताबिक, 7 मई तक मजदूरों की जेब में बढ़ा हुआ पैसा पहुंच जाना चाहिए, वरना ऐसी कंपनियों पर ब्लैक लिस्टिंग की गाज गिरना तय है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार और गाजियाबाद प्रशासन ने श्रमिकों के हित में कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि 7 मई 2026 तक सभी संस्थानों को बढ़ा हुआ वेतन देना अनिवार्य होगा। 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी इस नियम के तहत न्यूनतम मजदूरी में करीब 21% की वृद्धि की गई है, जिससे अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹13,690, अर्ध-कुशल का ₹15,059 और कुशल श्रमिकों का ₹16,868 तय किया गया है।

यह आदेश गाजियाबाद और नोएडा के सभी स्थायी व संविदा श्रमिकों पर लागू होगा, जिसका भुगतान सीधे बैंक खातों में करना अनिवार्य है। यदि कोई फर्म या ठेकेदार 10 मई तक संशोधित दरों पर भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे ब्लैक लिस्ट करने के साथ-साथ उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया जाएगा।

दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर खुला गड्ढा दे रहा हादसों को दावत (Top 5 Ghaziabad News)

शहर में आग का तांडव और हाईवे पर खून के निशानों के बीच, लापरवाही की एक और तस्वीर दिल्ली-सहारनपुर मार्ग से सामने आई है। यहाँ सड़क किनारे खुला छोड़ा गया एक गहरा गड्ढा अब राहगीरों के लिए ‘मौत का जाल’ बन चुका है। आए दिन हो रहे छोटे-बड़े हादसों के बावजूद प्रशासन की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है, जो किसी बड़ी त्रासदी को दावत दे रहा है।

मीडिया रिपोर्टस से अनुसार दिल्ली-सहारनपुर मार्ग (NH-709B) पर लोनी और खेकड़ा के बीच सड़क किनारे खुदा एक गहरा गड्ढा राहगीरों के लिए काल बन गया है। पाइपलाइन डालने या मरम्मत कार्य के बाद खुला छोड़ा गया यह गड्ढा विशेष रूप से रात के अंधेरे में बड़े हादसों को न्योता दे रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, पर्याप्त लाइट और रेडियम संकेतक (Reflectors) न होने के कारण कई दोपहिया और चार पहिया वाहन इसमें गिरकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और लोग घायल हो रहे हैं। प्रशासन की इस लापरवाही के खिलाफ लोगों में भारी रोष है, क्योंकि व्यस्त हाईवे होने के कारण यहाँ हर समय जानलेवा खतरा बना रहता है।

डेढ़ महीने बाद भी फरार है इंदिरापुरम छेड़छाड़ का आरोपी मैनेजर

गाजियाबाद की आज की अगली बड़ी खबर इंदिरापुरम से है, जहाँ एक पीड़िता की चीख सिस्टम की फाइलों में दबती नजर आ रही है। डेढ़ महीने पहले हुई बदसलूकी के मामले में आरोपी मैनेजर अब तक फरार है। पुलिस की फाइलों में दर्ज यह मामला अब तूल पकड़ रहा है क्योंकि पीड़िता ने सामने आकर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस की सुस्ती अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम से आज की पांचवीं बड़ी खबर महिला सुरक्षा और सिस्टम की सुस्ती से जुड़ी है, जहां डेढ़ महीने पहले हुई छेड़छाड़ की घटना में आरोपी मैनेजर एरन पोर्ट्स अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मामला 14 मार्च की रात शक्ति खंड-3 में हुई एक ऑफिस पार्टी का है, जिसके बाद घर छोड़ने के बहाने मैनेजर ने पीड़िता के साथ कार में अभद्रता की और विरोध करने पर उसका करियर बर्बाद करने की धमकी दी।

पीड़िता का आरोप है कि टीम लीडर ने भी मदद के बजाय इसे उसका ‘भ्रम’ बताकर मामले को दबाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी न होने से पीड़िता अपनी सुरक्षा को लेकर डरी हुई है और न्याय की गुहार लगा रही है।

आज की Top 5 Ghaziabad News ने कहीं न कहीं प्रशासन और हमारी सुरक्षा व्यवस्था को आईना दिखाया है। चाहे वो आग से सुरक्षा हो, हाईवे पर बढ़ती रफ्तार या फिर इंसाफ में होती देरी सवाल आज भी खड़े हैं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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