Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ गया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण कोलकाता के बेहला इलाके में एक विशाल रोड शो किया। रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी और पूरा इलाका राजनीतिक नारों से गूंज उठा।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान | Bengal Chunav 2026
इस रोड शो के दौरान अमित शाह ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती जारी रहेगी। शाह ने घोषणा की कि ये सुरक्षा बल अगले 60 दिनों तक राज्य में मौजूद रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या अशांति को रोका जा सके।
जनसभा में लोगों से अपील – ‘निडर होकर वोट करें’
बेहला में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने लोगों से अपील की कि वे 29 अप्रैल को बिना डर के मतदान करें। उन्होंने कहा, “दीदी के गुंडों से डरने की जरूरत नहीं है, चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की है।” शाह ने यह भी दावा किया कि इस बार चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष माहौल में होगा।
चुनाव के बाद हिंसा पर सरकार की तैयारी
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि अक्सर चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार केंद्र सरकार पहले से सतर्क है। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद भी सुरक्षा बलों की मौजूदगी यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे। उनके अनुसार, यह कदम लोगों के भरोसे को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
93% वोटिंग पर शाह का बड़ा दावा
23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि 152 सीटों पर 93% मतदान हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। उन्होंने दावा किया कि इतनी बड़ी वोटिंग से साफ है कि जनता बदलाव चाहती है। शाह ने कहा कि इस भारी मतदान ने टीएमसी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं और जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
‘परिवर्तन की लहर’ का दावा
अमित शाह ने बेहला की भीड़ को ‘परिवर्तन की लहर’ का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि 4 मई को आने वाले नतीजे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनके अनुसार, जनता अब नए विकल्प की ओर देख रही है और मौजूदा व्यवस्था से बदलाव चाहती है।
2021 की हिंसा की पृष्ठभूमि में 60 दिन का फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमित शाह का यह 60 दिनों तक केंद्रीय बलों की तैनाती का फैसला 2021 के चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा को ध्यान में रखकर लिया गया है। बीजेपी लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि चुनाव परिणाम के बाद राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसी कारण इस बार सुरक्षा को लेकर पहले से ही सख्त कदम उठाए गए हैं।
रोड शो में दिखा चुनावी जोश
रोड शो के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अमित शाह का जोरदार स्वागत किया। जगह-जगह फूल बरसाए गए और “जय श्रीराम” तथा “आर नोय अन्याय” जैसे नारे गूंजते रहे। पूरा माहौल चुनावी उत्साह और राजनीतिक जोश से भरा नजर आया।
नजर 29 अप्रैल के मतदान पर
अब सभी की नजर 29 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी है, खासकर बेहला सीटों पर जहां मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। अमित शाह के इस बड़े ऐलान के बाद चुनावी समीकरण और भी गर्म हो गए हैं और इसका असर वोटिंग पर भी देखने को मिल सकता है।




























