Viral Cafe Caravan: एक रुपये में पूरे भारत का सफर… सुनने में ये किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन पिंकी, राहुल और उनकी छोटी बेटी एली इसे सच करने निकल पड़े हैं। जयपुर से शुरू होने वाली यह अनोखी रोड ट्रिप कश्मीर होते हुए कन्याकुमारी तक जाएगी, और सबसे खास बात ये है कि इस सफर में उनके पास सिर्फ ₹1 ही होगा। न कोई सेविंग, न UPI का इस्तेमाल यानी पूरे खर्चे उन्हें रास्ते में कमाकर ही निकालने होंगे।
इस पूरे चैलेंज को उन्होंने “कैफे कारवा” नाम दिया है, जो दरअसल उनकी कैंपर वैन है। इसी वैन को उन्होंने एक चलते-फिरते कैफे में बदल दिया है, जहां वो चाय, कॉफी, मैगी, आलू पराठा, मोमोज और दाल-बाटी जैसी चीजें बेचेंगे। उनका कहना है कि ये सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा एक्सपेरिमेंट है। उनका दावा है कि इस तरह का चैलेंज शायद ही किसी ने पहले किया हो।
₹1 से शुरू हुआ सबसे बड़ा रोड ट्रिप चैलेंज | Viral Cafe Caravan
राहुल ने बताया कि इस पूरे रोड ट्रिप की शुरुआत वह सिर्फ एक रुपये के साथ घर से कर रहे हैं। उनका प्लान है कि सफर का सारा खर्च चाहे गाड़ी का डीजल हो, टोल टैक्स हो या फिर खाने-पीने और रहने की जरूरतें सब कुछ उनके “कैफे कारवा” से होने वाली कमाई से ही पूरा किया जाएगा। यानी पूरा चैलेंज इसी बात पर टिका है कि रास्ते में जो भी कमाई होगी, उसी से पूरी इंडिया ट्रिप मैनेज होगी।

तैयारी भी उतनी ही बड़ी
इतने बड़े चैलेंज के लिए तैयारी भी बेहद खास की गई है। उनकी कैफे कारवा में हर छोटी-बड़ी चीज का ध्यान रखा गया है। कैफे के लिए खास बैनर, मेन्यू कार्ड, किचन इक्विपमेंट, कुल्हड़, कैटल और मसालों से लेकर चाय-कॉफी बनाने तक का पूरा सेटअप तैयार है।
इतना ही नहीं, उन्होंने कस्टमर्स को आकर्षित करने के लिए फनी मार्केटिंग आइटम्स भी रखे हैं, जैसे स्पिनर गेम, जिसमें जीतने पर फ्री चाय मिल सकती है। साथ ही, टिप बॉक्स भी रखा गया है ताकि लोग उनकी मदद कर सकें।
टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट का भी ध्यान
इस यात्रा में सिर्फ कमाई ही नहीं, एंटरटेनमेंट का भी पूरा इंतजाम है। उनके पास प्रोजेक्टर, ब्लूटूथ स्पीकर, कैमरा, माइक्स और लैपटॉप जैसी चीजें हैं।
कैंपिंग और रहने का इंतजाम
राहुल और पिंकी ने अपने रहने के लिए भी पूरी तैयारी की है। उनके पास टेंट, स्लीपिंग बैग, एयर बेड, कैंपिंग चेयर और पानी के टैंक जैसे सभी जरूरी सामान हैं। गर्मी और ठंड दोनों मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सीमित कपड़े पैक किए हैं। खास बात ये है कि वे सिर्फ एक बैग में ही अपने कपड़े ले जा रहे हैं, क्योंकि ज्यादा जगह कैफे के सामान के लिए रखी गई है।
किचन का पूरा सेटअप
उनकी वैन में पूरा किचन भी सेट है, जिसमें गैस सिलेंडर, मिनी स्टोव, मसालों का बड़ा बॉक्स, सॉसेज, मैगी, दूध, चटनी बनाने के लिए मिक्सर और कई तरह के स्नैक्स शामिल हैं। उन्होंने छोटे-छोटे पैक इसलिए चुने हैं ताकि गर्मी में सामान खराब न हो।
लद्दाख का एक्सपेरिमेंट बना भरोसे की वजह
राहुल ने यह भी बताया कि इस आइडिया को शुरू करने से पहले उन्होंने लद्दाख में एक छोटा सा ट्रायल किया था। वहां हजारों मीटर ऊंचाई पर सिर्फ एक घंटे के लिए उन्होंने पत्नी के साथ स्टॉल लगाया और चाय व मैगी बेचकर करीब 600 से 700 रुपये तक का मुनाफा कमा लिया। इसी अनुभव ने उन्हें यह भरोसा दिया कि अगर छोटे स्तर पर यह मॉडल काम कर सकता है, तो लंबे रोड ट्रिप में भी इसे सफल बनाया जा सकता है।
बेटी एली भी है एक्साइटेड
वहीं, इस पूरे सफर की सबसे प्यारी बात है उनकी तीन साल की बेटी एली, जो इस ट्रिप को लेकर बेहद एक्साइटेड है। उसके लिए खास चेयर, खिलौने और यहां तक कि छोटे-छोटे बैनर भी तैयार किए गए हैं। परिवार का मानना है कि ये सफर उनके लिए यादगार बनने वाला है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, यह सफर जितना रोमांचक है, उतना ही मुश्किल भी। रास्ते में कमाई कैसे होगी, कहां रुकेंगे, कितनी मुश्किलें आएंगी इन सबका उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं है। गैस सिलेंडर की कमी, जगह की दिक्कत और लंबे सफर की थकान जैसी कई चुनौतियां सामने हैं।
फिर भी, उनका कहना है कि “जो होगा, देखा जाएगा।” उनका फोकस सिर्फ इस चैलेंज को पूरा करने पर है।
लोगों से क्या उम्मीद?
पिंकी और राहुल ने लोगों से अपील की है कि वे उनकी इस यात्रा को फॉलो करें, सपोर्ट करें और सुझाव दें। उन्होंने एक चार्ट भी बनाया है जिसमें वे रोज की कमाई और खर्च का हिसाब अपडेट करेंगे।
यूट्यूब से शुरू हुआ सफर, अब बना बड़ा चैलेंज
बता दें, राहुल लंबे समय से यूट्यूब ब्लॉगिंग से जुड़े हुए हैं। कोरोना काल के बाद उन्होंने प्रैंक वीडियो बनाना शुरू किया था, जिसके बाद उनका चैनल तेजी से बढ़ा और करीब 8 लाख सब्सक्राइबर्स तक पहुंच गया। इसी काम के लिए उन्हें सिल्वर प्ले बटन भी मिल चुका है। अब वे अपने इस पूरे रोड ट्रिप और अनुभव को यूट्यूब पर डॉक्युमेंट कर रहे हैं।
जयपुर लौटकर भी जारी रहेगा यह कॉन्सेप्ट
राहुल ने बताया कि जब यह सफर पूरा करके वे जयपुर लौटेंगे, तो इस कॉन्सेप्ट को यहीं खत्म नहीं करेंगे। वे अपने कैफे मॉडल को शहर की सड़कों पर भी आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं ताकि यह आइडिया एक लंबे समय तक चलने वाला बिजनेस बन सके।




























