Trending

जहाँ चर्चों की घंटियों के बीच गूंजता है सत श्री अकाल, सिखों के 150 साल का गौरवशाली इतिहास – Sikhism in Cyprus

Shikha Mishra | Nedrick News Ghaziabad Published: 23 Apr 2026, 07:18 AM | Updated: 23 Apr 2026, 07:18 AM

Sikhism in Cyprus: ये दृष्य आपको बहुत कम देखने को मिलेगा, जहां भले ही ईसाई और इस्लामिक कट्टरवाद हो, लेकिन वो दूसरों के धर्म के प्रति सम्मान व्यक्त करें। वहीं एक ईसाई देश होते हुए भी दूसरे धर्म को सम्मान दें.. जैसा की साइप्रस में किया जाता है, जहां की आबादी करीब 70 प्रतिशत ईसाई है लेकिन फिर भी आज सिख धर्म वहां चौथ सबसे बड़ा औऱ मजबूत धर्म बन गया है। अपने इस लेख में हम जानेंगे साइप्रस में मौजूद सिख धर्म के बारे में.. कैसे यहां सिखों का रिश्ता करीब 150 पुराना है.. और कैसे सिखों ने यहां अपने लिए एक मजबूत जगह बना ली है। आईये जानते है क्या है साइप्रस में सिख धर्म की कहानी।

और पढ़े: पापा के साथ हूं फोन मत करना… ऑडियो भजेने लड़की हुई गायब फिर मिली एसिड से जली लाश | Lucknow Crime news

ाइप्रस के बारे में विस्तार से जाने  – Sikhism in Cyprus

साइप्रस यूरोप महाद्वीप का एक छोटा सा देश है, जिसे क्रिब्रिस के नाम से भी जाना जाता है, साइप्रस का आधिकारिक नाम साइप्रस (Sikhism in Cyprus) गणराज्य है। इसकी राजधानी निकोसिया है। ये एक यूरेशियन द्विपिय देश है, जिसके पूर्व में ग्रीस, पश्चिम में लेबनान, सीरिया और इजरायल, उत्तर में मिश्र, और दक्षिण में तुर्की है। साइप्रस में ग्रीक और तुर्की भाषा को आधिकारिक रूप से बोला जाता है। साइप्रस 1960 से पहले ब्रिटिश उपनिवेश का गुलाम था, जिसे 1960 में आजादी मिली थी। साइप्रस की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है। यूरोप के सबसे प्रसिद्ध देशो में से एक साइप्रस लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

जहाँ हर साल 2.4 मिलियन से अधिक पर्यटक आते हैं। साइप्रस (Sikhism in Cyprus) का क्षेत्रफल 9,250 वर्ग किलोमीटर है तो वहीं इसकी जनसंख्या 2026 में लगभग 15लाख के आसपास है। साइप्रस पर 1974 में तुर्की ने हमला कर के लगभग इसके एक तिहाई हिस्से पर कब्जा कर लिया जो आज भी उनके ही कब्जे में है, जिसे तुर्कीस रिपब्लिक ऑफ नार्थ साइप्रस (टीआरएनसी) कहा जाता है, और तुर्की द्वारा ही उसे मान्यता दी गई है। साइप्रस में ज्यादातर ग्रीक ऑर्थोडोक्स ईसाई और सुन्नी मुसलमान रहते है लेकिन बावजूद इसके पिछले कुछ दशको में वहां सिखों ने भी अपनी अलग छाप छोड़ी है, और साइप्रस की तरक्की में अहम रोल निभा रहे है।

साइप्रस में सिख धर्म – Sikhism in Cyprus

जब आप साइप्रस (Sikhism in Cyprus) में सिख धर्म के फलने फूलने का इतिहास उठाते हुए तो आपको अहसास होगा, कि ईसाइ और मुसलमानो के बीच भी सिखों ने कैसे अपनी जगह बनाई, सिखों की भागीदारी के कारण आज के समय में सिख धर्म साइप्रस का चौथा सबसे बड़ा धर्म है। यहां सिखो के साथ एक सुरक्षित माहौल होने के साथ साथ आरामदायक जीवनशैली है, सरकार और सरकारी दफ्तरों में आसानी ने प्रवासियों को बसने में मदद की जाती है, व्यापार हो या रोजगार, या फिर शिक्षा.. हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए खुद सरकार मदद करती है।

एंग्लो अफगान युद्ध शुरु हुआ – Sikhism in Cyprus

वहीं हाल के कुछ सालों में साइप्रस में सिखों की संख्या तेजी से बढ़ी है। साल 2021 की जनसंख्या के अनुसार साइप्रस (Sikhism in Cyprus) में तब करीब 2264 सिख आधिकारिक रूप से रह रहे थे। जो कि यहां की आबादी का 0.24 प्रतिशत था। वहीं साइप्रस में सिखो के आने का इतिहास खंगाला जाये तो ये आपको सीधे ले कर जाता है साल 1878 के आसपास.. जब एंग्लो अफगान युद्ध शुरु हुआ था। तब ब्रिटिश सेना ने सिख सैनिकों जिसमें सिख घुड़सवार थे, उन्हें एक गुप्त समझौते के तहत ऑटोमन सम्राज्य से हाथ मिलाकर माल्टा से होते हुए साइप्रस पर नियंत्रण करने पहुंचे थे। जिसके कारण पहली बार सिखो के कदम साइप्रस की धरती पर पड़े थे, वहीं दूसरे विश्वयुद्द में भी ब्रिटिश सेना के लिए लड़ने गए सिख सैनिकों ने अपनी जान की बाजी लगाई थी, सिख वीर सिपाहियो की याद में साइप्रस में निकोसिया युद्ध कब्रिस्तान मौजूद है, जहां सिख सैनिकों के धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशाम स्मारक भी मौजूद है।

गुरुद्वारा संगतसर साहिब – Sikhism in Cyprus

यहां हर साल सिख सैनिकों को उनकी बहादुरी के लिए पुष्पांजलि अर्पित किया जाता है। ये स्थाप पंखो और कलश से सजाया गया है। जहां कई वीर सैनिको के नाम छपे हुए है। चूंकि एक कट्टर ईसाई देश होने के कारण यहां भले ही सिखों को प्रवेश की अनुमति को आसानी से मिल गई लेकिन उन्हें अपनी धार्मिक नीतियों और पूजा स्थल के लिए संघर्ष करना पड़ा। आखिरकार 2011 में सरकार ने आधिकारिक रूप से निकोसिया में एक (Sikhism in Cyprus) गुरुद्वारा संगतसर साहिब बनाया गया है। जहां पूजा, सामाजिक कार्यक्रम, सामुदायिक गतिविधियां की जाती है।

इसके अलावा लारनाका में गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार (Shri Guru Nanak Darbar) मौजूद है। जिसकी स्थापना 2013 में की गई थी, लेकिन आधिकारिक रूप से साइप्रस में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को साल 2014 में लाया गया था। जिसे ब्रिटेन के इलफोर्ड के सिखो ने साइप्रस पहुंचाया था। इसके अलावा सिखों को मजबूत करने और उनके साथ होने वाले किसी भी तरह की अन्याय को रोकने के लिए 2016 में  साइप्रस सिख असोसिएशन (Cyprus Sikh Association) शुरु किया गया। जो देश में सिख परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में काम करते है।

(Sikhism in Cyprus) साइप्रस में सिख धर्म काफी तेजी से बढ़ रहा है। कुछ मामलों को छोड़ दिया जाये तो यहां की सरकार भी सिखों के साथ खड़ी है। जहां सिखो की लौ जगमगा रही है। साइप्रस की अर्थव्यवस्था में सिख समुदाय का अच्छा खासा योगदान है। और साइप्रस भी इसलिए सिखों को दिल खोल कर स्वीकार कर रहा है।

Shikha Mishra

shikha@nedricknews.com

शिखा मिश्रा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटोग्राफी से की थी, अभी नेड्रिक न्यूज़ में कंटेंट राइटर और रिसर्चर हैं, जहाँ वह ब्रेकिंग न्यूज़ और वेब स्टोरीज़ कवर करती हैं। राजनीति, क्राइम और एंटरटेनमेंट की अच्छी समझ रखने वाली शिखा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और पब्लिक रिलेशन्स की पढ़ाई की है, लेकिन डिजिटल मीडिया के प्रति अपने जुनून के कारण वह पिछले तीन सालों से पत्रकारिता में एक्टिव रूप से जुड़ी हुई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds