Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब और गंभीर होता जा रहा है। इस बीच ईरान ने इराक की जनता के लिए खास संदेश जारी किया है, जिसने क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ ईरान ने इराक के लोगों का आभार जताया है, तो दूसरी ओर अमेरिका की सख्त चेतावनी ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
इराक के लिए ईरान का भावनात्मक संदेश | Iran-US War
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जुल्फघारी ने बयान जारी कर कहा कि इस पूरे संघर्ष के दौरान इराक के लोगों का समर्थन साफ तौर पर महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि इराक के लोगों का दिल और उनका मजबूत रुख हमेशा ईरान के साथ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस लड़ाई में अकेला नहीं है और इराक के लोग मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। ईरान ने इराक के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की अपील भी की है।
अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप
ईरान ने इस मौके पर अमेरिका और इजरायल पर तीखे आरोप लगाए। जुल्फघारी ने कहा कि इन देशों ने ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन किया है और आम नागरिकों को निशाना बनाया है। उनके मुताबिक, महिलाओं, बच्चों और निर्दोष लोगों पर हमले किए गए हैं, यहां तक कि स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक स्थान भी निशाने पर रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर इराक को राहत
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम घोषणा यह रही कि ईरान ने इराक को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगाए गए प्रतिबंधों से बाहर रखा है। इसका मतलब यह है कि इराक के जहाज इस अहम समुद्री मार्ग से बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकेंगे।
ईरान ने साफ किया कि यह प्रतिबंध सिर्फ उन देशों पर लागू हैं जिन्हें वह दुश्मन मानता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ नहीं हैं, उनके जहाज ईरानी जल क्षेत्र से गुजर सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले से जानकारी देना जरूरी होगा।
ट्रंप की 48 घंटे की चेतावनी
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर 48 घंटे के भीतर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप के इस बयान को क्षेत्र में संभावित बड़े कदम के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तनाव के बीच बढ़ता खतरा
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु ठिकानों के पास हाल ही में हमले की खबरें सामने आई हैं और लोगों को वहां से हटाया गया है। वहीं, ईरान ने भी नए हमलों की तैयारी के संकेत दिए हैं।
पिछले एक महीने से ज्यादा समय से चल रही यह जंग अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुकी है। इसका असर सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। खासकर तेल और गैस की सप्लाई पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम रास्ता है।






























