LPG cylinder black marketing:एक तरफ आम लोगों को घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसकी ब्लैक मार्केटिंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि जरूरतमंद उपभोक्ता परेशान हैं और कुछ लोग इस मजबूरी का फायदा उठाकर मोटी कमाई में जुटे हुए हैं। लेकिन यह जानना जरूरी है कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी सिर्फ गलत ही नहीं, बल्कि कानूनन एक गंभीर अपराध है।
और पढ़ें: ब्राह्मोस से UAV तक… 80 देशों में भारतीय हथियारों की धूम; Make in India की चमकदारी दिखाई दी
युद्ध का असर और सप्लाई में दिक्कत | LPG cylinder black marketing
दरअसल, ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण क्रूड ऑयल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर एलपीजी गैस की उपलब्धता पर पड़ा है। नतीजतन, बाजार में सिलेंडर की कमी देखने को मिल रही है और आम आदमी को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मांग बढ़ी, बिचौलिये हुए सक्रिय
गैस की डिमांड और सप्लाई के बीच बढ़ते अंतर का फायदा अब बिचौलिये उठा रहे हैं। कई जगहों पर घरेलू गैस सिलेंडर को ऊंचे दामों पर होटलों और दूसरे कमर्शियल कामों में बेचा जा रहा है। इससे जहां एक ओर कालाबाजारी बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर घरों में इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए संकट और गहरा हो गया है।
कानून के तहत सख्त कार्रवाई
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत अपराध की श्रेणी में आती है। अगर कोई व्यक्ति गैस की अवैध बिक्री, जमाखोरी या गलत इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ इसी कानून के तहत एफआईआर दर्ज की जाती है। प्रशासन ऐसे मामलों में सख्ती बरत रहा है।
जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
अगर कोई व्यक्ति गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग में दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा अदालत अपराध की गंभीरता को देखते हुए लाखों रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकती है। यानी थोड़े से फायदे के चक्कर में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी हो सकती है रद्द
यदि किसी अधिकृत गैस एजेंसी या वेंडर की इसमें संलिप्तता सामने आती है, तो तेल कंपनियां तुरंत उसका लाइसेंस रद्द कर देती हैं। इतना ही नहीं, एजेंसी की सिक्योरिटी राशि भी जब्त कर ली जाती है और उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है, जिससे भविष्य में दोबारा कारोबार करना मुश्किल हो जाता है।
घरेलू सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल गैरकानूनी
घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, ढाबा या किसी भी व्यावसायिक काम में करना पूरी तरह से अवैध है। छापेमारी के दौरान अगर ऐसा करते हुए कोई पकड़ा जाता है, तो सिलेंडर जब्त होने के साथ-साथ मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है।
प्रशासन की सख्त निगरानी
कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए जिला आपूर्ति विभाग और पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। संदिग्ध जगहों पर छापेमारी की जा रही है और अवैध रिफिलिंग जैसे मामलों पर खास नजर रखी जा रही है। इसके लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं।
शिकायत कैसे करें?
अगर आपके आसपास गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है, तो आप इसे नजरअंदाज न करें। इसके लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 जारी किया है, जहां कॉल करके शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा आप स्थानीय सप्लाई ऑफिस या नजदीकी पुलिस स्टेशन में भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि समाज के लिए भी नुकसानदायक है। ऐसे में जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और किसी भी गलत गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि इस पर समय रहते रोक लगाई जा सके।






























