Rupee Record low 2026: भारत की अर्थव्यवस्था गिरने की कगार पर, आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ

Rajni | Nedrick News India Published: 20 Mar 2026, 08:28 AM | Updated: 20 Mar 2026, 10:34 AM

Rupee Record low 2026: जंग की आग सिर्फ सरहदों तक नहीं सिमटती, उसका धुआं और तपिश पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झुलसा देती है। जंग सिर्फ वहां नहीं लड़ी जाती जहां फौजें आमने-सामने हों, उसका असली खामियाजा तो वह आम आदमी भुगतता है जो मीलों दूर बैठकर महंगाई की मार सहता है। मिसाइलें सरहदों पर गिरती हैं, लेकिन उनका धमाका हमारी जेबों और रसोई के बजट में सुनाई देता है।

और पढ़े: Middle East Update| तेल संकट और जंग के बीच ‘फोन डिप्लोमेसी’: एक दिन में 5 देशों से बात कर एक्शन में दिखे पीएम मोदी

रुपये की सेहत में गिरावट

शुक्रवार को भले ही शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली हो, लेकिन करेंसी मार्केट से एक चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। पहली बार भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 93.35 के स्तर पर जा गिरा है। आसान भाषा में समझें तो, रुपया कमजोर हो रहा है और इसका सीधा असर आपकी और हमारी जेब पर पड़ने वाला है।

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 92.92 पर खुला और थोड़ी ही देर में फिसलकर 93.35 के नए ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को ही रुपया 92.89 के अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। साफ है कि रुपये की सेहत में गिरावट का यह ट्रेंड फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

आखिर क्यों गिर रहा है रुपया?

इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में गहराता युद्ध का संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। भारत अपनी ज़रूरत का 85% तेल आयात करता है, और जब तेल महंगा होता है, तो हमें भुगतान के लिए ज़्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा, विदेशी निवेशक (FPI) भी भारतीय बाज़ार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बाज़ार में डॉलर बेचकर रुपये को संभालने की पूरी कोशिश कर रहा है, वरना यह गिरावट और भी खौफनाक हो सकती थी।

आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

रुपये की गिरावट का असर सीधे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ सकता है:

  • महंगाई बढ़ेगी: बाहर से आने वाले सामान (इंपोर्टेड गुड्स) महंगे हो जाएंगे
  • पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते हैं: कच्चा तेल महंगा होने से ईंधन की कीमत बढ़ सकती है
  • विदेश जाना महंगा होगा: पढ़ाई या घूमने के लिए विदेश जाना ज्यादा खर्चीला हो जाएगा
  • EMI बढ़ सकती है: जैसे ही रेपो रेट बढ़ेगा, बैंक अपने होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बढ़ा देंगे, जिससे आपकी मासिक किस्त (EMI) महंगी हो जाएगी।

कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हालात कुछ खास अच्छे नहीं हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) जैसे अहम समुद्री रास्तों पर मंडराते युद्ध के संकट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। क्योकि दुनिया का एक-तिहाई तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए निवेशक भारी सावधानी बरत रहे हैं और उभरते बाजारों (Emerging Markets) से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

अभी के हालात देखकर एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि रुपये पर दबाव जल्द कम होने वाला नहीं है। मार्च के महीने में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाज़ार से 8 अरब से ज्यादा की रकम निकाल ली है, जो एक बड़ा चिंताजनक आंकड़ा है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर देश की आर्थिक ग्रोथ (GDP) और आपकी EMI पर भी पड़ सकता है। रुपया कमजोर होना सिर्फ एक विदेशी मुद्रा का आंकड़ा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आपकी जेब, आपके खर्च और आपके भविष्य की योजनाओं पर पड़ने वाला है।

क्या 100 तक जाएगा रुपया ?

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 2026 के आखिर तक रुपया 94 से 95 के दायरे में रह सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपया 100 के स्तर को तभी छू सकता है जब वैश्विक स्तर पर युद्ध और लंबा खिंचे या कच्चा तेल 120 डॉलर के पार निकल जाए। हालांकि, RBI के पास मौजूद विदेशी मुद्रा का बड़ा भंडार रुपये को इतनी बड़ी गिरावट से बचाने के लिए ढाल का काम कर सकता है।

 

Rajni

rajni@nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds