IPL 2026 news: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का नया सीजन शुरू होने से पहले ही लीग के अंदर बड़े बदलावों की चर्चा तेज हो गई है। खबरें हैं कि लीग की पहली चैंपियन टीम राजस्थान रॉयल्स और मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मालिकाना हिस्सेदारी में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। दोनों फ्रेंचाइजी के मौजूदा मालिक अपने-अपने हिस्से या कुछ शेयर बेचने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी इस मामले में अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इन चर्चाओं के बीच एक ऐसा नाम सामने आया है जिसने कभी IPL की शुरुआत कर पूरी क्रिकेट दुनिया का ध्यान खींच लिया था… ललित मोदी।
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राजस्थान रॉयल्स को खरीदने की रेस में ललित मोदी (IPL 2026 news)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले लगभग डेढ़ दशक से IPL से दूर रहे ललित मोदी अब एक बार फिर लीग में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। फर्क बस इतना है कि इस बार वह किसी प्रशासनिक भूमिका में नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी मालिक के तौर पर मैदान में उतरना चाहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स की संभावित बिक्री को लेकर चार अलग-अलग दावेदार सामने आए हैं और उनमें से एक ललित मोदी भी हैं। बताया जा रहा है कि मोदी एक अमेरिकी बिजनेसमैन के साथ मिलकर टीम खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान रॉयल्स की बिक्री प्रक्रिया को देख रहे इन्वेस्टमेंट बैंक और संभावित खरीदारों के बीच 16 मार्च को एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में फ्रेंचाइजी की बिक्री से जुड़ी रणनीति और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
अमेरिकी बिजनेसमैन के साथ बनाई साझेदारी
रिपोर्ट में कहा गया है कि ललित मोदी ने इस बोली के लिए एक कंसोर्टियम बनाया है, जिसमें उनके साथ अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी भी शामिल हैं। इस कंसोर्टियम को शुरुआती चरण में शॉर्टलिस्ट भी किया गया है। बताया जा रहा है कि राजस्थान रॉयल्स की मौजूदा वैल्यू कम से कम 1.1 बिलियन डॉलर आंकी जा रही है। ऐसे में अगर यह डील आगे बढ़ती है तो IPL इतिहास की बड़ी कारोबारी डील्स में से एक हो सकती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस बोली प्रक्रिया का क्या नतीजा निकलता है और क्या ललित मोदी वास्तव में इस फ्रेंचाइजी को खरीदने में सफल हो पाते हैं।
IPL की शुरुआत में अहम भूमिका
ललित मोदी का IPL से रिश्ता बेहद पुराना और उतना ही चर्चित भी रहा है। साल 2008 में जब IPL की शुरुआत हुई थी, तब मोदी ही इस लीग के मुख्य सूत्रधार माने जाते थे। उन्होंने ही खिलाड़ियों की नीलामी का आइडिया पेश किया था, जिसने क्रिकेट की दुनिया में एक नया मॉडल पेश किया।
वह 2008 से 2010 तक IPL के पहले कमिश्नर रहे और उनके कार्यकाल में यह लीग बेहद तेजी से लोकप्रिय हुई। कई क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि IPL के जरिए भारतीय क्रिकेट और वैश्विक टी-20 क्रिकेट की दिशा ही बदल गई।
विवादों के बाद लगा आजीवन प्रतिबंध
हालांकि यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला। साल 2011 में नई फ्रेंचाइजी के तौर पर कोच्चि टस्कर्स केरला और पुणे वॉरियर्स इंडिया की एंट्री के बाद कई विवाद सामने आने लगे। खासकर कोच्चि फ्रेंचाइजी की खरीद को लेकर कई गंभीर आरोप लगे।
इन आरोपों के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जांच शुरू की। जांच में गड़बड़ी और दबाव बनाने जैसे आरोप सही पाए जाने के बाद 2013 में BCCI ने ललित मोदी पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया।
इसी दौरान उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में जांच शुरू की। जांच शुरू होने से ठीक पहले ललित मोदी भारत छोड़कर लंदन चले गए और तब से वहीं रह रहे हैं।
अब अगर राजस्थान रॉयल्स की बोली में उनका कंसोर्टियम सफल होता है, तो लगभग 15 साल बाद भारतीय क्रिकेट और IPL में उनकी वापसी देखने को मिल सकती है। फिलहाल क्रिकेट जगत की नजर इस संभावित डील और उसके नतीजे पर टिकी हुई है।
