Zomato की बड़ी सफलता, 15 मिनट के डिलवरी प्लेटफार्म Blinkit को 4447 करोड़ रुपये में खरीदेगा!!

[nedrick_meta]
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
[modern_share]

ऑनलाइन फूड डिलीवरी फर्म जोमैटो (Zomato) के बोर्ड ने ऑनलाइन ग्रोसरी कंपनी ब्लिंकिट (Blinkit) को खरीदने की मंजूरी दे दी है। जिसकी डील 568.16 मिलियन डॉलर यानी 4,447.48 करोड़ रुपये में हुई है। जिसके साथ ही जोमैटो का ब्लिंकित पर अधिग्रहण हो जाएगा। ब्लिंकिट को पहले ग्रोफर्स (Grofers) के नाम से जाना जाता था। Zomato ने शुक्रवार को शेयर बाजार को भेजी सूचना में कहा कि यह डील शेयरों की अदला-बदला के तहत किया किया जाएगा। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को हुई बैठक में Blinkits कॉमर्स के शेयरधारकों से 13.45 लाख रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर 33,018 शेयरों के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी। इस प्रकार, यह सौदा 4,447.48 करोड़ रुपये का है।

डील के तहत जोमैटो के एक रुपये अंकित मूल्य के 62.85 करोड़ पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर 70.76 रुपये प्रति इक्विटी के भाव पर जारी किया जाएगा। जोमैटो ने कहा, ‘‘यह अधिग्रहण क्विक कॉमर्स बिजनेस में निवेश करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है। बीते 16 नवंबर 2021 को कंपनी का शेयर भाव अपने ऑल टाइम हाई 169.10 रुपये तक पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद बिकवाली का माहौल आ गया और 11 मई 2022 को शेयर ऑल टाइम लो 50.35 रुपये के स्तर तक लुढ़क गया। आपको बता दें कि बीते साल जोमैटो का आईपीओ लॉन्च हुआ था। लॉन्चिंग के बाद कंपनी ने निवेशकों को मालामाल किया।

दो साल पहले शुरू हुई थी बातचीत

Zomato और Blinkit ने सबसे पहले इस डील को लेकर बातचीत दो साल पहले की थी। इस बड़े समझोते से जोमेटो को फायदा होगा, जो क्विक कॉमर्स पर ध्यान दे रहा है. यह इस अल्ट्रा फास्ट ग्रॉसरी डिलीवरी के क्षेत्र में उसकी स्थिति को बहुत बेहतर बनाएगा. हालांकि, सेक्टर में अभी मुनाफा कमाने के संकेत नहीं दिखे हैं. कंपनी का इस क्षेत्र में मुकाबला बेहतर फंड वाली कंपनियों जैसे स्विगी का Instamart , Zepto, रिलायंस रिटेल द्वारा समर्थित Dunzo और टाटा के Big Basket से रहेगा।

आपको बता दें कि ग्रॉसरी या किराने की ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी ग्रोफर्स का नाम पिछले साल दिसंबर में बदल गया था। इसका नया नाम ब्लिंकिट रखा गया था। नए नाम के साथ ही इस कंपनी ने 10 मिनट ग्रॉसरी डिलीवरी का लक्ष्य तय किया था। यानी कि ऑर्डर के 10 मिनट के सामान की डिलीवरी का लक्ष्य तय किया गया था। भारत में क्विक कॉमर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और ग्राहक इसके लिए पैसे खर्च करने के लिए तेयार हैं. स्विगी इसी संभावनाओं को देखते हुए इंस्टामार्ट में निवेश बढ़ा रही है. इसी तरह ओला ने भी क्विक डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की है जो ग्रोसरी के लिए बेंगलुरु में लॉन्च किया गया है। टाटा की दुन्जो जेसी कंपनी भी इसी सेगमेंट में काम करती है। अब देखना होगा कि जोमाटो-ब्लिंकित डील (Zomato-Blinkit Deal) कितनी फायदेंमंद साबित होगी और ग्राहकों को कितनी पसंद आएगी।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds