भारत विश्वगुरु नहीं है… कभी था! आखिर ऐसे क्यों बोले मुरली मनोहर जोशी | Murli Manohar Joshi

Nandani | Nedrick News New Delhi Published: 20 अप्रैल 2026, 04:25 PM Updated: 20 अप्रैल 2026, 04:25 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Murli Manohar Joshi: मुरली मनोहर जोशी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी और बौद्धिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। संस्कृत भारती के कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत आज ‘विश्वगुरु’ बन चुका है, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा—“हमें ‘विश्वगुरु’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।” उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भारत कभी ‘विश्वगुरु’ जरूर रहा है, लेकिन मौजूदा समय में ऐसा कहना सही नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत को फिर से उस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

और पढ़ें: हिमाचल में सैलरी शॉक! CM ने खुद की आधी तनख्वाह रोकी… मंत्रियों-विधायकों पर भी गिरी गाज | CM Sukhvinder Singh Sukhu

संस्कृत को बताया भविष्य की भाषा | Murli Manohar Joshi

इस मौके पर जोशी ने संस्कृत भाषा की अहमियत पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृत सिर्फ एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि ज्ञान और संप्रेषण की एक शक्तिशाली माध्यम है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संस्कृत की उपयोगिता को स्वीकार किया जा रहा है। उनके अनुसार, NASA के वैज्ञानिक भी कई बार यह कह चुके हैं कि संस्कृत संप्रेषण के लिए बेहद प्रभावी भाषा है।

जोशी का मानना है कि अगर भारत संस्कृत को वैश्विक संप्रेषण की भाषा बनाने की दिशा में काम करता है, तो यह देश की एक बड़ी देन साबित हो सकती है।

युवाओं से संस्कृत सीखने की अपील

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने देश के युवाओं को खास संदेश देते हुए कहा कि उन्हें संस्कृत सीखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ बोलना ही नहीं, बल्कि संस्कृत में लिखना और साहित्य को समझना भी जरूरी है। उनका मानना है कि संस्कृत में ऐसा विशाल ज्ञान भंडार है, जिसे जितना जल्दी और ज्यादा लोग अपनाएंगे, उतना ही देश को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि इस भाषा में वह ताकत है, जो बड़े से बड़े ज्ञान को संक्षेप में समेट सकती है।

ओपनहाइमर और गीता का जिक्र

अपने संबोधन में जोशी ने एक दिलचस्प उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि परमाणु बम के परीक्षण के दौरान J. Robert Oppenheimer ने जब विस्फोट देखा, तो उनके मुंह से भगवद गीता का श्लोक निकला। जोशी के मुताबिक, ओपनहाइमर ने उस दृश्य को भगवान कृष्ण के विराट रूप से जोड़ा था। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने यह समझाने की कोशिश की कि संस्कृत और भारतीय ग्रंथों का प्रभाव विश्वभर में रहा है।

संस्कृत को अनिवार्य बनाने पर क्या बोले?

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या संस्कृत को सभी राज्यों में अनिवार्य किया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इस विषय पर सुझाव दिया था, लेकिन राज्यों ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां संस्कृत को राजकीय भाषा का दर्जा तो मिला, लेकिन इसके प्रचार-प्रसार के लिए ठोस काम नहीं हो पाया।

अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव पर चिंता

जोशी ने यह भी कहा कि आज के समय में व्यापार, शिक्षा और रोजगार का बड़ा हिस्सा अंग्रेजी पर निर्भर हो गया है। यही वजह है कि लोगों का झुकाव उसी तरफ ज्यादा है। उन्होंने इसे एक तरह की विडंबना बताते हुए कहा कि हमें अपने ज्ञान और परंपरा के संरक्षण पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए।

ज्ञान के संरक्षण की जरूरत पर जोर

अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि भारत के पास अपार ज्ञान है, जिसे सहेजना और दुनिया तक पहुंचाना जरूरी है। उनके अनुसार, संस्कृत इस दिशा में एक मजबूत माध्यम बन सकती है। जोशी का यह बयान न सिर्फ भाषा को लेकर एक नई बहस छेड़ता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाना कितना जरूरी है।

और पढ़ें: बंगाल में चुनावी रण गरमाया! पीएम मोदी का TMC पर करारा हमला… बच्चे से मिलकर हुए भावुक | PM Modi Bengal Speech

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds