Vaishno Devi shrine landslide: कटरा में भूस्खलन से 33 की मौत, बारिश से जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 अगस्त 2025, 05:30 AM Updated: 27 अगस्त 2025, 05:30 AM
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Vaishno Devi shrine landslide: जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। बुधवार को कटरा में एक बड़ा हादसा हुआ, जब वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक भारी भूस्खलन हो गया। इस हादसे में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 लोग घायल हैं। त्रिकूट पहाड़ी पर बने यात्रा मार्ग का एक बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया है। रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाने और फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई है। आशंका है कि अब भी कुछ लोग मलबे के नीचे हो सकते हैं।

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जम्मू-कटरा हाईवे बंद, सफर में खतरा- Vaishno Devi shrine landslide

बारिश की वजह से कटरा और जम्मू के बीच कई जगहों पर चट्टानें खिसक गई हैं। हाईवे पर भारी मलबा जमा हो गया है और लगातार पत्थर गिर रहे हैं, जिससे जम्मू-कटरा मार्ग को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने यात्रियों से फिलहाल यात्रा टालने की अपील की है।

रेल सेवाएं भी प्रभावित, 22 ट्रेनें रद्द

तेज बारिश का असर ट्रेनों पर भी पड़ा है। नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनें रद्द कर दी हैं और 27 ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा है। इन ट्रेनों में वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली 9 अहम ट्रेनें भी शामिल हैं। इसके अलावा, पठानकोट–कंदरोरी (हिमाचल प्रदेश) के बीच का रेल मार्ग भी बंद कर दिया गया है क्योंकि चक्की नदी में बाढ़ आ गई है। हालांकि राहत की बात ये है कि कटरा से श्रीनगर का रेलमार्ग अभी प्रभावित नहीं हुआ है।

6 घंटे में 22 सेंटीमीटर बारिश, पुल और टावर ढहे

आपको बता दें, मंगलवार को जम्मू में बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सिर्फ 6 घंटे में 22 सेमी बारिश हुई। इस बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। कई पुल टूट गए, बिजली के खंभे और मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचा, जिससे नेटवर्क और बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

3500 से ज्यादा लोग रेस्क्यू, राहत कैंपों में पहुंचाए गए

बारिश और बाढ़ के चलते अब तक 3,500 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और स्थानीय वॉलंटियर्स लगातार रेस्क्यू में जुटे हैं। रेस्क्यू किए गए लोगों को अस्थायी शेल्टर्स में रखा गया है, जहां उन्हें खाना, पीने का पानी और मेडिकल सुविधा दी जा रही है।

नेटवर्क ठप, लाखों लोग अपनों से संपर्क में कटे हुए

बारिश और तेज हवाओं की वजह से कई इलाकों में टेलीकॉम नेटवर्क पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे हजारों-लाखों लोग अपने घरवालों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल नेटवर्क और बिजली बहाल करने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाने पर है।

जम्मू और आसपास के इलाकों में तूफान और तेज बारिश

इस वक्त जम्मू, आरएसपुरा, सांबा, अखनूर, नगरोटा, कोट भलवाल, बिश्नाह, विजयपुर, कठुआ और ऊधमपुर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां भारी बारिश और तेज़ आंधी जारी है। वहीं, रियासी, रामबन, डोडा, बनिहाल, गूल और हीरानगर जैसे पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है।

मौसम विभाग का अलर्ट, खतरा अभी टला नहीं

मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस समय जो सिस्टम एक्टिव है, उससे बादल 12 किलोमीटर तक ऊंचाई तक पहुंच रहे हैं, जो बहुत एक्टिव तूफान का संकेत है। ये सिस्टम ईस्ट-नॉर्थईस्ट दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिन बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है।

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