US-Israel-Iran war news: तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले के बाद ईरान ने अमेरिका को दिया अल्टीमेटम – क्या 30 मार्च तक निंदा न हुई तो बदला तय?

Nandani | Nedrick News Iran Published: 29 मार्च 2026, 04:43 PM Updated: 29 मार्च 2026, 04:43 PM
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US-Israel-Iran war news: अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच जारी जंग अब और गंभीर रूप ले रही है। एक महीने से चल रहे संघर्ष में दोनों पक्ष झुकने को तैयार नहीं हैं और ईरान ने अब सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाते हुए तेहरान स्थित विश्वविद्यालय को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी सैन्य संगठन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो मिडिल ईस्ट में अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है।

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ईरान का अल्टीमेटम (US-Israel-Iran war news)

IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह और इजरायल सोमवार, 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमले की आधिकारिक निंदा नहीं करते, तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। IRGC ने स्पष्ट किया कि तेहरान में ‘ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी’ को इस हमले में नुकसान पहुंचा है और अब इसका बदला अमेरिका और इजरायल की यूनिवर्सिटीज पर लिया जाएगा।

युद्ध और चेतावनी

IRGC ने कहा कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारी, प्रोफेसर और छात्र अपने कैंपस से एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस कार्रवाई को रोकना चाहता है, तो उसे समय रहते बयान जारी करना होगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी कहा कि अगर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया, तो ईरान इसका “जबरदस्त जवाब” देगा।

तेहरान यूनिवर्सिटी पर हमला

IRGC के वीडियो में तेहरान यूनिवर्सिटी के परिसर में मलबा और क्षतिग्रस्त इमारतें दिखाई दे रही हैं। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। ईरान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में दो ईरानी यूनिवर्सिटीज को भारी नुकसान हुआ है। इस चेतावनी के बाद खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी विश्वविद्यालय भी खतरे में आ गए हैं, जैसे कतर में टेक्सास A&M यूनिवर्सिटी और यूएई में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी।

एक महीने से जारी संघर्ष

ये जंग लगभग एक महीने से चल रही है और अभी तक कोई पक्ष निर्णायक बढ़त नहीं ले पाया है। ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर भी हमला किया गया। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय असर और मिस्र की प्रतिक्रिया

इस युद्ध के कारण ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं और आर्थिक संकट गहराया है। मिस्र ने घोषणा की कि वह बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की गति दो महीने के लिए धीमी कर देगा ताकि ईंधन और डीजल की खपत नियंत्रित की जा सके। इस कदम का उद्देश्य घरेलू आपूर्ति और खर्च पर नियंत्रण रखना है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच यह जंग अब सीधे शिक्षा संस्थानों तक फैलती नजर आ रही है, जिससे न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है बल्कि आम नागरिकों, छात्रों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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