Sonam Wangchuk का अनशन टूटा पर आंदोलन खत्म नहीं! शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े छात्र!

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 24 जुलाई 2026, 05:40 PM Updated: 24 जुलाई 2026, 05:52 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Sonam Wangchuk: एक तरफ 26वें दिन सोनम वांगचुक का अनशन तो खुलवा दिया गया, लेकिन इसके बाद देश के युवाओं के मन में कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। क्या अब यह आंदोलन पूरी तरह खत्म हो जाएगा? कल देर रात पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर कार्रवाई का आश्वासन तो दिया, लेकिन क्या देश का युवा सिर्फ इस भरोसे से मान जाएगा? तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इस आंदोलन का अगला कदम

और पढ़ें: जंतर-मंतर से देश की गलियों तक, छात्रों की अहिंसक जंग और PM के ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ वादे का पूरा सच | Student Protest Viral Video

क्या प्रर्दशन रहेगा जारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने कल देर रात अपना अनशन भले ही खत्म कर दिया हो, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र और संगठन अब भी अपनी मुख्य मांगों पर अड़े हुए हैं।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि आंदोलनकारियों की सबसे पहली और प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, जिस पर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) छात्रों के समर्थन में बाद में जुड़े थे, इसलिए उनका अनशन खत्म होने का मतलब आंदोलन का अंत नहीं है। खुद वांगचुक ने भी कहा है कि यह सिर्फ भूख हड़ताल का अंत है, लेकिन सरकार से जवाबदेही मांगने की असली शुरुआत अब हुई है।

आखिर किन शर्तों पर टूटा Sonam Wangchuk का अनशन?

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने खुद पहुंचकर युवाओं को एक लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद वांगचुक (Sonam Wangchuk) का 26 दिनों से जारी अनशन खत्म हुआ। सरकार ने लिखित समझौते में तीन मुख्य बातें मानी हैं:

  • पहली शर्त: नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर संसद के इसी सत्र में पूरी तरह से विस्तृत चर्चा की जाएगी।
  • दूसरी शर्त: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान युवाओं पर दर्ज किए गए सभी पुलिस केसों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें वापस लिया जाएगा।
  • तीसरी शर्त: पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

देर रात जारी वीडियो में PM मोदी ने क्या दिया आश्वासन?

देश में बढ़ते छात्र आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देश के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया है। पीएम ने कहा कि पेपर लीक होना लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दर्दनाक है और इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पेपर लीक के मामलों में दोषियों को तुरंत और कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) बनाए जाएंगे।

परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए सरकार एक बेहद सख्त एंटी-पेपर लीक ड्राफ्ट बिल (Draft Bill) तैयार कर चुकी है, जिसे आज ही केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा। अनशन टूटने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए लिखा कि— मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वह डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वजन फिर से प्राप्त करें। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपको बता दें कि 26 दिनों की भूख हड़ताल में वांगचुक का करीब 11 किलो वजन कम हो गया था।

साफ है कि पीएम मोदी के आश्वासन और सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) के अनशन टूटने के बाद भी जनता और देश के युवाओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आंदोलनकारी छात्रों का स्पष्ट मानना है कि जब तक देश के शिक्षा मंत्री पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेकर अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक युवाओं का यह प्रदर्शन पूरी तरह से जायज है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार सिर्फ आश्वासनों से युवाओं को शांत कर पाएगी, या फिर छात्रों का यह आक्रोश कोई नया मोड़ लेगा?

Rajni

rajni@nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds