दिल्ली पुलिस के 6 अधिकारियों को बेस्ट इन्वेस्टिगेशन के लिए मिला UHM मेडल, जानिए किन मामलों की जांच में रहे ये शामिल?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 13 अगस्त 2021, 05:30 AM Updated: 13 अगस्त 2021, 05:30 AM
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दिल्ली पुलिस के 6 अधिकारियों को यूनियम होम मिनिस्टर यानी UHM अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। ये मेडल पुलिस अधिकारियों को बेस्ट इन्वेस्टिगेशन करने के लिए दिया जाता है। पूरे देश में 152 पुलिसकर्मियों को इस मेडल से सम्मानित किया गया। इसमें दिल्ली के 6 अधिकारी शामिल रहे। दिल्ली के जिन अधिकारियों को मेडल से सम्मानित किया गया, उनमें इंस्पेक्टर सतीश चंद्र (मृत्युपरांत), ACP संदीप लाम्बा, महिला इंस्पेक्टर डोमनिका पूर्ती, इंस्पेक्टर अखलेश्वर कुमार राय, गुरमीत सिंह कटारिया और वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। 

दिल्ली में जिन 6 अधिकारियों को इस मेडल से सम्मानित किया गया, उनमें बाटला हाउस एनकाउंटर से लेकर दिल्ली दंगों की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी शामिल है। आइए आपको हम विस्तार से उन 6 पुलिस अधिकारियों के बारे में जिनको इस मेडल से सम्मानित किया गया…

इंस्पेक्टर सतीश शर्मा

2008 में हुआ बाटला हाउस एनकाउंटर तो याद होगा ही। जब स्पेशल सेल और इंडियन मुजाहिदीन के आंतिकयों के बीच में मुठभेड़ हुई थी। इस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर भी शहीद हुए थे। एनकाउंट की जांच के दौरान शहजाद उर्फ पप्पू को अरेस्ट किया गया था। इसकी जांच साइंटिफिक और प्रोफेशनल तरीके से हुई थी। जिसकी सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने भी तारीफ की थी। इस वजह से इंस्पेक्टर सतीश शर्मा को इस जांच के लिए UHM मेडल दिया गया है। उन्हें मरणोपरांत ये सम्मान मिला है।

दिल्ली दंगों से जुड़े तीन अधिकारियों को मेडल मिला

दिल्ली दंगों की जांच करने तीन पुलिस अधिकारी शामिल रहे को भी UHM मेडिल दिया गया। एसीपी संदीप लांबा, इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह और अखलेश्वर राय शामिल हैं। हेड कांस्टेबल रत्न सिंह की हत्या, ACP गोकुलपुरी और DCP शाहदरापर भीड़ द्वारा हमला करना, निगम पार्षद ताहिर हुसैन के इन दंगों में शामिल होना और IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के आरोपियों को पकड़ना, इस जांच का हिस्सा था। 

इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह

DDA लैंड पूलिंग से जुड़ा एक मामला था। जिसमें एक कंपनी ने लगभग 250 से अधिक लोगों को ठगा था। मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया था इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह को। उन्होंने जांच के दौरान 30 में से 28.21 करोड़ रुपए का हिसाब पता लगा लिया था।

महिला इंस्पेक्टर डोमनिका

पश्चिम विहार वेस्ट में एक 12 साल की बच्ची पर वार हुआ था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हुई थी। इस मामले में आरोपी का सुराग किसी को भी नहीं मिल रहा था। तब इंस्पेक्टर डोमनिका ने मंगोलपुरी से आरोपी को अरेस्ट किया था। इस दौरान उन्होंने साइंटिफिक जांच के साथ कई CCTV फुटेज खंगाले थे। 

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