Shastri Nagar: गाजियाबाद के शास्त्री नगर में न्यायालय के कड़े रुख के बावजूद अवैध होटलों (जैसे होटल ट्रॉट) का संचालन धड़ल्ले से जारी है। सरेआम उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) के आदेशों को ताक पर रखकर आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जबकि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले पर मौन साधे बैठा है। प्रशासन की इस सुस्ती और भ्रामक रिपोर्टिंग के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन बेहाल हो चुका है। जिसके बाद ये सवाल उठना तो लाजिमी है कि, क्या न्यायालय का आदेश भी बेअसर है? आखिर शास्त्री नगर में अवैध होटलों को किसका संरक्षण?
न्यायालय के आदेश और वर्तमान स्थिति
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने शास्त्री नगर (Shastri Nagar) जैसे आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और होटलों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद स्थानीय निवासियों का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी स्थानीय प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बने हुए हैं। जीडीए (GDA) द्वारा की जाने वाली सीलिंग की कार्रवाई अक्सर केवल कागजी या कुछ समय के लिए होती है, जिसके बाद सांठगांठ कर ये होटल फिर से चालू हो जाते हैं।
स्थानीय निवासियों की समस्याएं
जीडीए के अधिकारी कोर्ट और उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के लिए गलत स्टेटस रिपोर्ट सौंपते हैं। आवासीय इलाकों में इन अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के कारण बाहरी और असामाजिक तत्वों का आना-जाना काफी बढ़ गया है। इन होटलों की वजह से क्षेत्र में भारी ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग और पानी-सीवर की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों और परिवारों का शांति से जीना दूभर हो चुका है।
नागरिकों की प्रमुख मांगें
- पूर्ण सीलिंग और कनेक्शन विच्छेद: अवैध रूप से चल रहे होटलों को पूरी तरह से सील किया जाए और उनके बिजली-पानी के कनेक्शन तुरंत काटे जाएं।
- अधिकारियों पर कार्रवाई: कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने और भ्रामक स्टेटस रिपोर्ट देने वाले दोषी जीडीए अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- आवासीय स्वरूप की सुरक्षा: शास्त्री नगर के आवासीय चरित्र को बनाए रखने के लिए भविष्य में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि को अनुमति न दी जाए।
- संयुक्त नियमित निगरानी: पुलिस और जीडीए की एक संयुक्त टीम क्षेत्र की नियमित निगरानी करे ताकि सील तोड़े गए होटल दोबारा न चल सकें।
अवैध होटलों को किसका संरक्षण?
प्रशासन और जीडीए (GDA) इस समय मई 2026 में पूरे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाने का दावा कर रहे हैं। लेकिन इस बड़े अभियान के दावों के बीच, शास्त्री नगर में ‘होटल ट्रॉट’ जैसी अवैध गतिविधियां अभी भी बिना किसी डर के धड़ल्ले से चल रही हैं। यह साफ दिखाता है कि जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों से कोसों दूर है। आखिर कौन है इसका जिम्मेदार?





























