Rahul Gandhi citizenship Controversy: राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई, गृह मंत्रालय को चार हफ्ते का समय

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 25 मार्च 2025, 05:30 AM Updated: 25 मार्च 2025, 05:30 AM
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Rahul Gandhi citizenship Controversy: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है। इस मामले में गृह मंत्रालय ने राहुल गांधी की नागरिकता पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आठ हफ्तों का समय मांगा था, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए चार हफ्तों का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी। यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण बन गया है, क्योंकि इससे राहुल गांधी की नागरिकता और उनके लोकसभा चुनाव में भाग लेने के अधिकार पर सवाल उठ रहे हैं।

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क्या है राहुल गांधी की नागरिकता का विवाद? (Rahul Gandhi citizenship Controversy)

यह मामला 1 जुलाई 2024 को कर्नाटक के वकील और बीजेपी सदस्य एस विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास ब्रिटिश नागरिकता भी है, और उनके पास इस आरोप को साबित करने के लिए ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल और अन्य दस्तावेज हैं। विग्नेश शिशिर ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9(2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि चूंकि राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता है, इसलिए वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 84(ए) के तहत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं और उनकी लोकसभा सदस्यता को रद्द किया जाना चाहिए।

Rahul Gandhi citizenship Controversy
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याचिका में किए गए आरोप

याचिका में यह आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने अपनी ब्रिटिश नागरिकता को छुपाने की कोशिश की है, और इसी कारण उनके निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसने इस मुद्दे पर दो बार सक्षम अधिकारियों को शिकायत भेजी, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण, उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। याचिका में यह भी कहा गया कि राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट अधिनियम के तहत अपराध है, इसलिए मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए।

गृह मंत्रालय का समय का अनुरोध और कोर्ट की प्रतिक्रिया

गृह मंत्रालय ने इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आठ हफ्तों का समय मांगा था, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसे खारिज करते हुए केवल चार हफ्तों का समय दिया है। यह मामला विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाता है, बल्कि उनके राजनीतिक करियर पर भी असर डाल सकता है। इसके अलावा, यह मामला भारतीय चुनाव प्रणाली और कानून के अंतर्गत नागरिकता के मुद्दे पर भी एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

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राहुल गांधी की नागरिकता और उनका राजनीतिक भविष्य

राहुल गांधी ने 2024 में रायबरेली से लोकसभा चुनाव जीता था। इससे पहले, वह अमेठी से चुनाव जीतते आए थे, हालांकि 2019 के चुनाव में वह अमेठी से हार गए थे। इस विवाद के बाद, अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता उनके लिए राजनीति में आगे बढ़ने की राह को कठिन बना सकती है।

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