प्रेमानंद जी के प्रवचन: ये उपाय अपनाइए, खत्म हो जाएंगे सारे ऋण

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 Jul 2023, 12:00 AM | Updated: 24 Jul 2023, 12:00 AM

Premanand Ji ke Satsang – पीले वस्त्र धारण कर हर समय राधा रानी का गुणगान करने वाले वृन्दावन के श्री प्रेमानंद महाराज जी के इस समय में लाखों की संख्या में भक्त हैं और ये सभी भक्त उनके द्वारा किए जाने वाले सत्संग को सुनते हैं और इस सत्संग के जरिए श्री प्रेमानंद महाराज जी ज़िन्दगी जीने के खास सन्देश देते हैं. वहीं इस बीच श्री प्रेमानंद महाराज जी ने ऋण (उधार) कैसे खत्म हो जायेंगे इस बात को लेकर खास सन्देश दिया है. वहीं इस बीच इस पोस्ट के जरिए हम आपको इसी बीत की जानकारी देने जा रहे हैं.

Also Read- प्रेमानंद जी के प्रवचन: शरीरों से प्यार करना नहीं है कोई सुख. 

इस तरह खत्म होंगे सभी ऋण

वृन्दावन के श्री प्रेमानंद महाराज जी ने अपने सत्संग के दौरान बताया कि जो श्री कृष्ण की आराधना में लीने हैं वो समस्त ऋणों से मुक्त हो जाता है और ये  पितृ ऋण, देव ऋण, ऋषि ऋण, मात्र ऋण जैसे सभी ऋणों से मुक्त हो जाता है. ये सभी ऋण तभी खत्म होंगे जब कृष्ण और राधा वल्लब आदि मन्त्र का जाप करोगे तभी सभी ऋणों से मुक्त हो पाओगे.

ऋण खत्म करने का अचूक उपाय

इसी के साथ वृन्दावन के श्री प्रेमानंद महाराज जी ने अपने सत्संग में ये भी कहा कि इस कृष्ण और राधा वल्लब आदि की आराधना किए बिना कोई भी ऋण खत्म नहीं होगा. इसी के साथ ये भी कहा कि ऋण खत्म करने का अचूक उपाय और अगर आपको ऋण खत्म करने हैं तो आप कृष्ण और राधा वल्लब का जप करें.

राधा रानी को अपना ईष्ट मानते हैं प्रेमानंद 

संत श्री प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज जी राधा रानी को अपनी ईष्ट मानते हैं और सत्संग करते हैं. संत श्री प्रेमानंद महाराज राधा रानी के परम भक्त हैं और कहा जाता है कि श्री प्रेमानंद महाराज जी का सत्संग जो भी मन लगाकर सुनता है उसे राधारानी के दर्शन होते हैं. साथ ही जो भी उनकी बातों को अपने जिन्दगी में लागू करता है उन्हें जिन्दगी जीने में एक मार्ग मिलता हैं.

प्रेमानंद के दर्शन करने देश-विदेश से आते हैं लोग 

आपको बता दें, महाराज प्रेमानंद जी (Premanand Ji ke Satsang) के दर्शन करने के लिए उनके भक्त देश-विदेश से वृंदावन आते है और उनका बहुत सम्मान भी करते हैं. जहाँ महाराज जी को किडनी कि समस्या है तो वहीं इस बीमारी के बावजूद वो सुबह 2 बजे उठकर वृंदावन की परिक्रमा उसके बाद संकीर्तन राधा वल्लब और बांके बिहारी जी के दर्शन और परिक्रमा करते हैं साथ ही वो सत्संग भी करते हैं.

Also Read- प्रेमानंद जी के सत्संग: कौन से संप्रदाय का तिलक कैसे लगता है

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds