अमेरिका समेत इन देशों में चलती है राम नाम की करेंसी! जानिए क्यों…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 22 जनवरी 2021, 05:30 AM Updated: 22 जनवरी 2021, 05:30 AM
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हिन्दू धर्म में भगवान राम को काफी माना जाता है, ये वो पूजनीय देवता है जिन्होंने धरती पर मानव जाति में जन्म लिया और अयोध्या को विश्व में ख्याति दिलाई थी. जहां श्री राम भारत में हिन्दू धर्म की प्रधानता है तो वहीं विदेशों की करेंसी में श्री राम का नाम और तस्वीर होना एक बहुत बड़ी बात है, लेकिन क्या आपको इस बात का जरा सा भी अंदाजा है कि अमेरिका के अलावा इस देश में भी चलती है राम नाम की करेंसी? अगर नहीं तो आइए आपको एक दिलचस्प जानकारी देते हुए बताते हैं…

इस देश में भी चलती है राम नाम की करेंसी?

नीदरलैंड और अमेरिका में राम नाम की करेंसी इस्तेमाल हो रहे हैं लेकिन इसमें खासियत ये है कि वहां पर इन नोटों को आधिकारिक मुद्रा नहीं माना जाता है, ये केवल एक खास सर्कल में ही चलता है, जोकि इन दोनों देशों का प्रचलन है जिन पर भगवान राम की तस्वीर छपी होने के साथ राम भी लिखा हुआ है.

एक खास सर्कल में चलती है ये करेंसी

आपको बता दें कि अमेरिका के एक स्टेट आयोवा की एक सोसाइटी में राम मुद्रा चलाई जाती है, जहां पर अमेरिकन भारतीय जनजाति आयवे के लोग ही रहते हैं. यहां के लोग महर्षि महेश योगी को काफी मानते हैं. महर्षि वैदिक सिटी में रहने वाले उनके अनुयायी कामों के बदलों में इस मुद्रा की लेनदेन करते हैं.

कई साल पहले जारी की गई थी ये मुद्रा

साल 2002 में इस मुद्रा को “द ग्लोबल कंट्री ऑफ वर्ल्ड पीस” नाम की संस्था ने जारी किया था, उसके बाद इस मुद्रा को उन्होंने अपने समर्थकों में बांट दिया था. आपको बता दें कि महर्षि महेश योगी का जन्म छत्तीसगढ़ राज्य में हुआ था, इनका असली नाम महेश प्रसाद वर्मा है. इन्होंने फिजिक्स में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद शंकराचार्य ब्रह्मानन्द सरस्वती से दीक्षा ली.

हिन्दू प्रसार के लिए पहुंचे विदेश

उसके बाद उन्होंने हिन्दू धर्म का प्रसार करने के लिए विदेश का रुख लिया था. विदेश में उनका भावातीत ध्यान यानि “transcendental meditation” काफी लोकप्रिय है. बता दें कि “Let it be” गाने वाले “बीटल्स” के सदस्य करियर के बहुत अच्छे समय को छोड़कर भारत आए थे और फिर उन्होंने महेश योगी जी के साथ समय भी बिताया. जिसके बाद योगी की अहमियत और भी बढ़ती चली गई. योगी का आखिरी वक्त एम्सटर्डम के पास एक छोटे से गांव में बीता था, तब तक दुनिया में योग, ध्यान और आयुर्वेदिक इलाज का उनका तरीका लोकप्रिय होने लगा था.

राम मुद्रा का लेनदेन

राम मुद्रा के लेनदेन की शुरुआत 24 फरवरी, 2002 से हुई. अमेरिकी सिटी काउंसिल ने वैदिक सिटी के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को देखते हुए इस मुद्रा को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इसे कभी भी लीगल टेंडर की स्वीकृति नहीं दी थी. बता दे कि अमेरिका के 35 राज्यों में राम पर आधारित बॉन्ड आज तक चलते हैं.

क्या है राम मुद्रा का मूल्य ?

एक राम मुद्रा की कीमत 10 अमेरिकी डॉलर तय की गई थी, ऐसे ही तीन नोटों का मुद्रण भी हुआ था. जिस नोट पर एक राम लिखा हुआ है उसकी कीमत 10 डॉलर है, जिस पर 2 राम लिखा हुआ उसका मूल्य 20 डॉलर और जिस पर राम की 3 तस्वीरें छपी हों उसकी कीमत 20 अमेरिकी डॉलर के बराबर थी. बताया जाता है कि राम मुद्रा का इस्तेमाल आश्रम के सदस्य आपस में करते हैं और जब वो आश्रम से बाहर जाते हैं तो इस मुद्रा के कीमत के हिसाब से डॉलर ले लेते हैं.

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