Neemuch CBN Inspector arrest: मध्य प्रदेश के नीमच स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) दफ्तर एक बार फिर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के बड़े खेल को लेकर सुर्खियों में है। बिहार के पटना से आई जांच एजेंसी की एक विशेष टीम ने नीमच में आधी रात को बड़ा एक्शन लेते हुए नारकोटिक्स इंस्पेक्टर सिद्धार्थ को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मामला मादक पदार्थ और एनडीपीएस जब्ती से जुड़े एक केस में राहत देने के बदले कथित तौर पर 50 लाख रुपये की मोटी घूस मांगने और उसके संदिग्ध डिजिटल लेनदेन से जुड़ा है। अचानक हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे नारकोटिक्स विभाग में हड़कंप मच गया है।
आधी रात को सरकारी आवास पर छापा, लैपटॉप और फोन जब्त| Neemuch CBN Inspector arrest
जांच टीम ने गुरुवार की देर शाम नीमच स्थित नारकोटिक्स कॉलोनी में इंस्पेक्टर के सरकारी क्वार्टर पर अचानक दबिश दी। कई घंटों तक चली इस तलाशी के दौरान अधिकारियों ने केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, जब्ती से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड और बैंक खातों के ब्योरे को बारीकी से खंगाला। सबूत जुटाने के लिए टीम ने मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अपने कब्जे में ले लिए हैं।
पूछताछ और शुरुआती पड़ताल में यह बात भी सामने आ रही है कि घूस की संदिग्ध रकम सीधे इंस्पेक्टर के खाते में न भेजकर उनके किसी करीबी रिश्तेदार के बैंक अकाउंट के जरिए रूट की गई थी। इसके अलावा जांच एजेंसी करीब 4 लाख रुपये की कथित नकदी बरामदगी के पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि उसका इस 50 लाख की डील से क्या सीधा संबंध है।
रातभर कैंट थाने में कटी रात, कोर्ट से मांगी गई ट्रांजिट रिमांड
लंबी छानबीन के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर देर रात नीमच के कैंट थाने पहुंचाया गया, जहां उसे पूरी रात रखा गया। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच इंस्पेक्टर को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। जब टीम उसे जांच के लिए ले जा रही थी, तब वह अपना चेहरा छिपाने की पूरी कोशिश करता नजर आया।
अस्पताल से मेडिकल कराने के बाद दोपहर करीब 12 बजे उसे जिला अदालत में पेश किया गया। शासकीय अधिवक्ता सी.के. बाहेती ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज शिकायत और डिजिटल लेनदेन के पुख्ता आधार पर यह गिरफ्तारी हुई है। चूंकि मामला पटना से जुड़ा हुआ है, इसलिए जांच टीम ने आरोपी को आगे की सघन पूछताछ और जांच के लिए पटना ले जाने के मकसद से अदालत से ट्रांजिट रिमांड की अर्जी लगाई है।
नीमच सीबीएन का रिश्वतखोरी से पुराना नाता
नीमच नारकोटिक्स कार्यालय में घूसखोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस महकमे पर खाकी और ओहदे को दागदार करने के कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं:
- जुलाई 2025: जयपुर की जांच टीम ने 53 लाख रुपये की भारी डील के मामले में इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह और उसके दलाल को पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।
- अक्टूबर 2023: भोपाल की टीम ने सीबीएन अधीक्षक डॉ. राजकुमार गर्ग और एक बिचौलिए को 1 लाख रुपये की घूस लेते हुए मौके पर ही दबोचा था।
- वर्ष 2021: अफीम तौल के दौरान की गई अवैध वसूली के मामले में तत्कालीन नारकोटिक्स अधीक्षक और कई निरीक्षकों के खिलाफ कानूनी प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।
फिलहाल जांच टीम इस पूरे मनी ट्रेल, जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड्स और बैंक लेनदेन के जरिए कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इस बात की भी तहकीकात की जा रही है कि 50 लाख रुपये के इस कथित घूसकांड का दायरा केवल गिरफ्तार इंस्पेक्टर तक ही सीमित था या विभाग के कुछ अन्य चेहरों की मिलीभगत भी इसमें शामिल है।












































