PM Narendra Modi: देश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। पांच देशों की विदेश यात्रा से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज शाम मंत्रिपरिषद की बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है, क्योंकि ऐसे समय में यह बैठक हो रही है जब देश NEET परीक्षा पेपर लीक विवाद, बढ़ती महंगाई और पश्चिम एशिया संकट जैसे कई बड़े मुद्दों से जूझ रहा है। दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की भी अहम बैठक प्रस्तावित है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता और बढ़ गई है।
करीब एक साल बाद हो रही मंत्रिपरिषद की बैठक| PM Narendra Modi
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली यह मंत्रिपरिषद बैठक करीब एक साल बाद आयोजित की जा रही है। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि बैठक नई दिल्ली स्थित ‘सेवा तीर्थ’ में शाम करीब 4 बजे हो सकती है।
Interesting buzz, Eight ministers to be dropped, Tejasvi to come at centre.. also RSP and three from UP?
— saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳 (@saket71) May 20, 2026
राजनीतिक नजरिए से भी यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हाल ही में पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भाजपा के मजबूत प्रदर्शन और पुडुचेरी में एनडीए सरकार के दोबारा गठन के बाद यह पहली बड़ी सामूहिक बैठक होगी। ऐसे में सरकार आने वाले राजनीतिक और प्रशासनिक एजेंडे को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार कर सकती है।
मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर नजर
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि हर मंत्रालय के प्रदर्शन, फैसलों और योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड देखा जाएगा। सरकार की प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स कितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और जनता तक उनका कितना असर पहुंचा, इस पर भी चर्चा हो सकती है।
-Tougher period ahead?
–#PMModi to chair a crucial Council of Ministers meeting at 4 pm today
-All Union ministers—Cabinet, MoS (I/C) & MoS have been asked to remain in Delhi
-This is 1st full Council of Ministers meet of 2026
-Agenda likely to include impact of the West Asia… pic.twitter.com/rey3t0d8ku— Insightful Geopolitics (@InsightGL) May 21, 2026
बताया जा रहा है कि यह बैठक मंत्रियों के कामकाज की मध्यावधि समीक्षा के तौर पर भी देखी जा रही है। इसी वजह से राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ मंत्रालयों में बदलाव संभव है।
NEET पेपर लीक पर सरकार की बढ़ी चिंता
इस बैठक का सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा NEET परीक्षा पेपर लीक मामला माना जा रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार लगातार विपक्ष और छात्रों के निशाने पर है। जांच की आंच राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत 10 से ज्यादा राज्यों तक पहुंच चुकी है। करीब 23 लाख छात्र नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं। National Testing Agency यानी NTA जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर NEET UG 2026 की नई परीक्षा तारीख घोषित कर सकती है।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। Federation of All India Medical Association (FAIMA) ने इस मामले को “सिस्टेमैटिक फेलियर” बताते हुए NTA के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में परीक्षा को न्यायिक निगरानी में दोबारा कराने की मांग की गई है।
इधर छात्र संगठनों का गुस्सा भी लगातार बढ़ रहा है। NSUI, SFI और ABVP जैसे संगठन अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन कर रहे हैं और NTA को हटाने की मांग उठा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार इस मुद्दे पर बड़ा फैसला ले सकती है या फिर एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए जा सकते हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर भी रहेगा फोकस
बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके भारत पर पड़ रहे असर पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों से तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर भारत के ऊर्जा क्षेत्र पर भी दिखने लगा है। हालांकि केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए चिंता बनी हुई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर्स पर विशेष ध्यान देने को कह सकते हैं। मंत्रालयों को आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
सरकार का फोकस ‘रिफॉर्म एजेंडा’ पर भी
बताया जा रहा है कि बैठक में आने वाले वर्षों के सुधार एजेंडे पर भी चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कह चुके हैं कि उनकी सरकार की “रिफॉर्म एक्सप्रेस” ने व्यवस्थागत बदलाव किए हैं और आम नागरिकों को उसका लाभ मिला है। सरकार अब अगले 10 वर्षों के लिए नई नीतिगत प्राथमिकताओं पर काम कर सकती है। ऐसे में आर्थिक सुधार, डिजिटल गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी मंत्रियों से फीडबैक लिया जा सकता है।




























