Mumbai housing society: मुंबई के वर्ली, बांद्रा, पवई और लोअर परेल जैसे पॉश इलाकों में करोड़ों रुपये खर्च कर घर खरीदने के बाद भी कई लोगों को अपनी ही बालकनी के इस्तेमाल पर कुछ नियमों का पालन करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन इलाकों की कई प्रीमियम हाउसिंग सोसायटियों ने बालकनी या खिड़की के बाहर कपड़े और तौलिया सुखाने पर रोक लगा रखी है।
बताया जा रहा है कि जिन अपार्टमेंट्स की कीमत ₹4 करोड़ या उससे अधिक है, वहां भी यह नियम लागू किए जा रहे हैं। सोसायटियों का कहना है कि ऐसा इमारत की खूबसूरती बनाए रखने, उसकी प्रीमियम विजुअल अपील बरकरार रखने और प्रॉपर्टी की रीसेल वैल्यू पर असर न पड़ने के लिए किया जाता है।
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क्या सोसायटी आपकी बालकनी के इस्तेमाल पर रोक लगा सकती है?
इस तरह के नियमों के सामने आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या कोई हाउसिंग सोसायटी किसी व्यक्ति को उसकी निजी बालकनी में कपड़े सुखाने से रोक सकती है? कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इसका जवाब हर मामले में एक जैसा नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित इमारत किस कानूनी व्यवस्था के तहत संचालित होती है और उसके अपने नियम क्या हैं।
BMC का क्या है नियम? Mumbai housing society
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है जो सभी लोगों के लिए बालकनी में कपड़े सुखाने पर रोक लगाता हो। यानी पूरे शहर में इस तरह की कोई सार्वभौमिक पाबंदी लागू नहीं है। हालांकि, कुछ मामलों में नियम इमारत की श्रेणी और उसके प्रशासनिक ढांचे के आधार पर अलग हो सकते हैं।
महाराष्ट्र के कानून क्या कहते हैं?
महाराष्ट्र अपार्टमेंट ओनरशिप रूल्स, 1972 के नियम 44 के तहत कंडोमिनियम में रहने वाले लोगों को खिड़कियों, बालकनियों या इमारत के बाहरी हिस्से से कपड़े, कालीन या इसी तरह की वस्तुएं लटकाने की अनुमति नहीं है। लेकिन यह नियम महाराष्ट्र की सभी हाउसिंग सोसायटियों पर स्वतः लागू नहीं होता। दूसरी ओर, कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटियां महाराष्ट्र कोऑपरेटिव सोसायटीज एक्ट, 1960 और 1961 के नियमों के तहत संचालित होती हैं। ऐसी सोसायटियों में यह तय करने का अधिकार उनके पंजीकृत बाय-लॉज और हाउस रूल्स के पास होता है कि इस तरह की पाबंदी लागू होगी या नहीं।
क्यों लगाए जाते हैं ऐसे प्रतिबंध?
सोसायटियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी निवासी की स्वतंत्रता सीमित करना नहीं, बल्कि पूरी इमारत की एक जैसी और आकर्षक बाहरी छवि बनाए रखना है। इसके अलावा, कई बार गीले कपड़ों से नीचे वाले फ्लैटों की बालकनी या खिड़कियों पर पानी टपकने की शिकायतें आती हैं। वहीं तेज हवा के दौरान कपड़े या ड्राइंग स्टैंड गिरने से सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकते हैं। इन्हीं कारणों का हवाला देकर कई प्रीमियम सोसायटियां ऐसे नियम लागू करती हैं।
रहवासियों को क्या विकल्प दिए जाते हैं?
जिन सोसायटियों में बालकनी में कपड़े सुखाने की अनुमति नहीं होती, वहां निवासियों को दूसरे विकल्प अपनाने की सलाह दी जाती है। इनमें यूटिलिटी एरिया, सोसायटी द्वारा निर्धारित ड्राइंग स्पेस, सीलिंग-माउंटेड हैंगर्स, इंडोर ड्राइंग स्टैंड और इलेक्ट्रॉनिक क्लॉथ ड्रायर जैसे विकल्प शामिल हैं।
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