डॉ भीमराव अंबेडकर के बारे में ये महत्वपूर्ण बातें हर किसी को जानना चाहिए?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 01 Mar 2024, 12:00 AM | Updated: 01 Mar 2024, 12:00 AM

संविधान निर्माता बाबा साहेब का जन्म मध्यप्रदेश के मऊ में 14 अप्रैल 1891 में हुआ था. उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का भीमाबाई नाम था. वह अपने माता पिता की 14 वीं संतान थे. उन्होंने समाज के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए, उनमें से कुछ ऐसी अहम बातें उन्होंने बताई हैं जिनका जानना बेहद आवश्यक है.

भारतीय संविधान का निर्माण करने वाले डॉ भीमराव आंबेडकर ने देश के लिए अनेक कार्य किए दलित समाज से ताल्लुक रखने वाले बाबा साहेब ने समाज में बढ़ रही कुरीतियों पर नकेल कसने का भी कार्य किया उनके देश प्रेम के प्रति योगदान को भुलाया नही जा सकता ऐसे ही कुछ अहम बातें है जिन्हे शायद ही लोग जानते हो. ऐसी ही कुछ बातों पर प्रकाश डालते है.

और पढ़ें: बाबा साहेब अंबेडकर के इन कामों को कोई मिटा नहीं सकता, सदियों तक याद किए जाएंगे

डॉ अंबेडकर के बारे में महत्वपूर्ण बातें

बाबा साहेब ने अपनी जिंदगी में बहुत संघर्ष किया. गरीबी में जन्मे बाबा साहेब ने सबसे पहले उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाया. अछूत समाज में पैदा होने की वजह से उन्हें काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ा. इतनी मुसीबतों से संघर्ष करते हुए बाबा साहेब ने नौ भाषा और 32 डिग्रियों को हासिल किया.

  • महार जाति से संबंध रखने वाले बाबा साहेब, जिन्हें अछूत समझा जाता था, अपने बचपन से ही सामाजिक और आर्थिक भेदभाव देखने वाले बाबा आंबेडकर ने विषम परिस्थितियों में अपनी शिक्षा अर्जित करने की शुरुआत की.
  • बाल विवाह प्रथा के चलते उनकी शादी वर्ष 1906 में नौ वर्ष की लड़की रमाबाई से हुई.
  • सन् 1908 में बाबा साहेब ने एलफिंस्टन कॉलेज में दाखिला लिया, इस कॉलेज में एंट्री लेने वाले वह पहले दलित समुदाय के बच्चे थे.
  • M.A करने के लिए वह 1913 में अमेरिका चले गए. उनका विदेश में पढ़ाई करने का सपना बड़ौदा के गायकवाड़ शासक सहयाजी राव तृतीय से मासिक वजीफा मिलने के कारण संभव हो सका.
  • 1921 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उन्होंने एम ए की डिग्री हासिल की.
  • सन् 1925 में बाबा आंबेडकर को बॉम्बे प्रसिडेंस समिति ने साइमन आयोग में कार्य करने के लिए नियुक्त किया. इस आयोग के विरोध में पूरा भारतवर्ष खड़ा था.
  • दलित समुदाय के शोषण के खिलाफ कदम उठाने के लिए मूक भारत, बहिष्कृत भारत, जनता नाम से साप्ताहिक पत्रिका की शुरुआत की.
  • अंग्रेजो से भारत को आजादी मिलने के उपरांत उन्हें कानून मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया, और 29 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष के रूप में चुना गया.
  • सन् 1951 में संसद में हिंदू बिल मसौदे को रोक जाने पर बाबा आंबेडकर ने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया. इस मसौदे में अर्थव्यवस्था, विवाह और उत्तराधिकार कानूनों में लैंगिक समानता की बात का जिक्र था.
  • बाबा साहेब और उनके समर्थकों ने 14 अक्टूबर 1956 को पंचशील को अपनाते हुए बौद्ध धर्म को स्वीकार किया. आंबेडकर साहब की मंशा थी कि हिंदु धर्म के भीतर दलितों को कभी उनका हक और अधिकार नही प्राप्त हो सकता. 6 दिसंबर 1956 को बाबा साहेब का निधन हो गया.

और  पढ़ें: महार जाति को लेकर मशहूर विदेशी लेखक ने डॉ अंबेडकर की जीवनी में क्या लिखा है?

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds