Kurla Bus Accident: अनुभवहीन ड्राइवर और इलेक्ट्रिक बस ने ली 7 जानें, 42 घायल, फडणवीस सरकार ने की मुआवजे की घोषणा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 12 दिसम्बर 2024, 05:30 AM Updated: 12 दिसम्बर 2024, 05:30 AM
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Kurla Bus Accident: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला इलाके में हुए भीषण बस हादसे ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। सोमवार रात SG बर्वे मार्ग पर हुए इस हादसे में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए। घटना में 20 से अधिक गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। इस हादसे ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सुरक्षा और उनके संचालन को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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अनुभवहीन ड्राइवर बना हादसे की वजह- Kurla Bus Accident

मुंबई पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया कि इस दुर्घटना के दौरान बस चला रहे ड्राइवर संजय मोरे को इलेक्ट्रिक बस चलाने का पर्याप्त अनुभव नहीं था। शुरुआती जांच में पता चला कि मोरे ने इलेक्ट्रिक बस चलाने की केवल 10 दिन की ट्रेनिंग ली थी। हादसे के वक्त मोरे का वाहन पर से नियंत्रण खो गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

पुलिस ने मोरे को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) और 110 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत ने मोरे को 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

जांच कमेटी का गठन

बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (BEST) ने इस दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी हादसे की वजहों, इलेक्ट्रिक बसों की तकनीकी खामियों और ड्राइवर ट्रेनिंग प्रोटोकॉल की गहन जांच करेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस हादसे ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है (Kurla Bus Accident Updates)। बीजेपी नेताओं ने सरकार से इलेक्ट्रिक बसों के लिए अपनाए गए ‘वेट-लीज मॉडल’ की समीक्षा की मांग की है। इस मॉडल के तहत बसों को प्राइवेट ठेकेदारों से किराये पर लिया जाता है, जिसमें ड्राइवर भी ठेकेदारों के जरिए नियुक्त किए जाते हैं।

घायलों का इलाज जारी

वहीं, घायलों का इलाज भाभा अस्पताल, सायन अस्पताल और सेवन हिल्स अस्पताल में जारी है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो उस समय ड्यूटी पर तैनात थे।

सरकार ने की मुआवजे की घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है:

  • मृतकों के परिवारों को ₹7 लाख की आर्थिक सहायता (मुख्यमंत्री सहायता कोष से ₹5 लाख और BEST से ₹2 लाख) दी जाएगी।
  • गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹1 लाख का मुआवजा।
  • मामूली रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50,000 की सहायता दी जाएगी।

महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन (Maharashtra minister Girish Mahajan) ने भाभा अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और उन्हें जल्द से जल्द हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) को स्थिति की पूरी जानकारी दी जिसके बाद मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता बढ़ा दी।

‘एक दिसंबर से इलेक्ट्रिक बस चला रहा था’

पुलिस अधिकारी के अनुसार, मोरे को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया और 21 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में रखा गया। पुलिस ने कहा कि सोमवार रात को ड्राइवर ने बस पर नियंत्रण खो दिया, जिससे भीड़भाड़ वाले कुर्ला (पश्चिम) क्षेत्र में बस दूसरी कारों और पैदल चलने वालों से टकरा गई। एक अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के बाद मोरे ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि वह 1 दिसंबर से बेस्ट इलेक्ट्रिक बस चला रहा था और उसने पहले एक मिनी बस चलाई थी। अधिकारी के अनुसार, मोरे ने आगे बताया कि उसे इलेक्ट्रिक बस चलाने का सिर्फ़ दस दिन की ट्रेनिंग ली थी और अपने अनुभव की कमी के कारण वह सोमवार रात को बस को कंट्रोल नहीं कर सका।

ड्राइवर ने शराब का सेवन नहीं किया था

प्रारंभिक मेडिकल जांच में पाया गया कि ड्राइवर संजय मोरे हादसे के समय मानसिक रूप से सचेत था और उसने शराब का सेवन नहीं किया था।

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