Khoon Pasina Film: कैसे अमिताभ बच्चन ने छीन लिया विनोद खन्ना का लीड रोल?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 19 सितम्बर 2025, 05:30 AM Updated: 19 सितम्बर 2025, 05:30 AM
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Khoon Pasina Film: 1970 के दशक में बॉलीवुड में कई बड़ी फिल्मों ने धमाल मचाया, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि कलाकारों की किस्मत भी बदल देती हैं। अमिताभ बच्चन के करियर का वो बड़ा मुकाम भी एक ऐसी ही फिल्म से शुरू हुआ, फिल्म का नाम था ‘खून पसीना’। हालांकि इस फिल्म की शुरुआत में सबकुछ आसान नहीं था। लीड रोल को लेकर हुई उलझन, दोस्ती और फिल्म इंडस्ट्री की राजनीति ने इस फिल्म को खास बना दिया। आइए जानते हैं, कैसे अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड में अपनी जगह पक्की की और कैसे विनोद खन्ना ने दोस्ती में बड़ा कदम उठाया।

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फिल्म ‘खून पसीना’ की शुरुआत और विनोद खन्ना का लीड रोल- Khoon Pasina Film

70 के दशक में ओम प्रकाश मेहरा के एक रिश्तेदार ने एक फिल्म बनाने का मन बनाया, जिसका नाम था ‘खून पसीना’। इस फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी दी गई राकेश कुमार को, जो उस वक्त ओम प्रकाश मेहरा के असिस्टेंट डायरेक्टर थे। राकेश ने कहानी लिखी और लीड रोल के लिए विनोद खन्ना को चुना। सेकेंड लीड के लिए डैनी डेंजोंगप्पा का नाम तय हुआ। फिल्म की पूरी कास्टिंग फाइनल होते-होते लग रहा था कि ये वही लाइनअप होगी।

ओम प्रकाश मेहरा का धमाका: अमिताभ बच्चन को लीड रोल चाहिए!

लेकिन कहानी में आया ट्विस्ट जब ओम प्रकाश मेहरा ने खुद इस फिल्म को प्रोड्यूस करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा, “मैं प्रोड्यूसर बनूंगा, लेकिन इस फिल्म में लीड रोल अमिताभ बच्चन को ही देना होगा।” ओम प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की गहरी दोस्ती थी, इसलिए मेहरा चाहते थे कि बिग बी को बड़ा मौका मिले।

ये सुनकर राकेश कुमार परेशान हो गए। विनोद खन्ना को पहले ही लीड रोल के लिए हामी भर चुकी थी। अब उन्हें विनोद को समझाना था कि वो लीड रोल नहीं, सेकेंड लीड निभाएंगे। साथ ही, डैनी डेंजोंगप्पा को भी इस फिल्म से बाहर करना पड़ा।

दोस्ती और प्रोफेशनलिज्म की जीत: विनोद खन्ना का बड़ा कदम

जब विनोद खन्ना को इन सब बातों की खबर लगी तो उन्हों ने दोस्ती और इंडस्ट्री के रिश्तों को समझते हुए सेकेंड लीड रोल बिना कोई विरोध किए स्वीकार कर लिया। वहीं डैनी डेंजोंगप्पा को पूरी तरह से फिल्म से हटा दिया गया। ये फैसला उस वक्त थोड़ा विवादास्पद जरूर था, लेकिन अमिताभ के लिए ये मौका किसी वरदान से कम नहीं था।

‘खून पसीना’ की जबरदस्त कामयाबी और अमिताभ का सितारा

आपको बताया दें, फिल्म 1977 में रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। इसकी कहानी में एक्शन, इमोशन और ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण था, जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। अमिताभ बच्चन की दमदार एक्टिंग ने इस फिल्म को और भी खास बना दिया।

इस ब्लॉकबस्टर सफलता ने अमिताभ को इंडस्ट्री में सुपरस्टार की हैसियत दिलाई।

बॉलीवुड के पर्दे के पीछे की सबसे दिलचस्प कहानी

आज जब हम ‘खून पसीना’ की बात करते हैं, तो उसके पीछे छुपी इस दिलचस्प कहानी को भूलना मुश्किल है। कैसे एक फिल्म ने अमिताभ बच्चन को बड़ा सितारा बनाया, जबकि विनोद खन्ना ने दोस्ती के लिए अपने लीड रोल को छोड़ा और डैनी डेंजोंगप्पा को फिल्म से बाहर होना पड़ा।

इसलिए ‘खून पसीना’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन की जिंदगी का वो मोड़ है जिसने उन्हें सुपरस्टार बनाया। इसके पीछे की कहानी बॉलीवुड की अनकही कहानियों में से एक है, जो आज भी फैन्स के बीच चर्चित है।

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