India Affair Capital: तमिलनाडु का कांचीपुरम शहर वर्षों से अपने प्राचीन मंदिरों, धार्मिक महत्व और खूबसूरत रेशमी साड़ियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता रहा है। लेकिन इस बार यह शहर किसी सांस्कृतिक या धार्मिक कारण से नहीं, बल्कि एक ऐसी रिपोर्ट की वजह से सुर्खियों में है जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक अंतरराष्ट्रीय डेटिंग प्लेटफॉर्म की ताजा रैंकिंग में कांचीपुरम को भारत में सबसे ज्यादा नए साइन-अप वाला शहर बताया गया है।
यह दावा एश्ले मैडीसन नामक ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म की मई 2026 की “Summertime Stealth Mode” रिपोर्ट में किया गया है। यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से उन लोगों के लिए जाना जाता है जो विवाहेतर रिश्तों या वैकल्पिक संबंधों की तलाश में होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कांचीपुरम लगातार दूसरे साल इस सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है।
बड़े शहरों को छोड़ा पीछे| India Affair Capital
रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि कांचीपुरम ने नए साइन-अप के मामले में देश के कई बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है। सूची में चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली और गुरुग्राम जैसे प्रमुख महानगर भी शामिल थे, लेकिन कांचीपुरम उनसे आगे निकल गया। इसके बाद कोयंबटूर, तिरुवल्लूर और चेन्नई जैसे शहरों का स्थान रहा। रैंकिंग से यह भी साफ हुआ कि इस बार दक्षिण भारत के शहरों का दबदबा देखने को मिला। यही वजह है कि यह रिपोर्ट केवल एक शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई।
धार्मिक पहचान वाले शहर को लेकर लोगों में हैरानी
कांचीपुरम को आमतौर पर एक धार्मिक और पारंपरिक शहर के रूप में देखा जाता है। यहां मौजूद प्राचीन मंदिर हर साल हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। साथ ही यह शहर अपनी प्रसिद्ध कांचीपुरम सिल्क साड़ियों के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में लगातार दूसरे साल इस तरह की सूची में शीर्ष स्थान हासिल करना लोगों के लिए हैरानी का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस रिपोर्ट को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने इसे बदलती सामाजिक सोच का संकेत बताया, जबकि कुछ ने इस पर चिंता भी जताई।
भारत ने वैश्विक रैंकिंग में लगाई बड़ी छलांग
रिपोर्ट में केवल कांचीपुरम ही नहीं, बल्कि भारत से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। एश्ले मैडीसन के अनुसार, पिछले एक साल में भारत ने वैश्विक स्तर पर बड़ी प्रगति दर्ज की है। जहां पहले भारत इस प्लेटफॉर्म की वैश्विक रैंकिंग में आठवें स्थान पर था, वहीं अब वह सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन रिलेशनशिप नेटवर्क्स के प्रति भारतीयों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है।
बदलती रिलेशनशिप कल्चर पर बहस
रिपोर्ट सामने आने के बाद रिश्तों और विवाह को लेकर समाज में बदलती सोच पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म रिश्तों में विश्वास को कमजोर कर सकते हैं और बेवफाई को बढ़ावा देते हैं।
वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों और सामाजिक विश्लेषकों का कहना है कि इन आंकड़ों को केवल नकारात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह समाज में हो रहे बदलावों और उन विषयों की ओर इशारा करता है जिन पर पहले खुलकर चर्चा नहीं होती थी।
दूसरे प्लेटफॉर्म के आंकड़े भी चौंकाने वाले
इस बीच Gleeden नाम के एक अन्य डेटिंग प्लेटफॉर्म ने भी दावा किया है कि भारत में उसके 40 लाख से ज्यादा यूजर्स हो चुके हैं। यह आंकड़ा भी इस बात की ओर संकेत करता है कि डिजिटल युग में रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि खासकर युवा और शहरी आबादी के बीच शादी, रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर पहले की तुलना में अधिक खुलापन देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि ऐसे प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।





























