जेनेरिक दवाखाना खोलना कितना आसान? पढ़ाई से लेकर कमाई तक सब कुछ जानिए | Jan Aushadhi Kendra scheme

Nandani | Nedrick News Published: 20 अप्रैल 2026, 08:40 PM Updated: 20 अप्रैल 2026, 08:40 PM
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Jan Aushadhi Kendra scheme: भारत में दवाइयों की बढ़ती कीमतें आम लोगों के लिए लगातार चिंता का कारण बन रही हैं। कई बार मरीज डॉक्टर की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोर तक तो पहुंच जाता है, लेकिन जब दवा की कीमत पता चलती है, तो वह परेशान हो जाता है। ऐसे हालात में सरकार की Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana आम जनता के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है।

इस योजना के तहत लोगों को कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं। खास बात यह है कि यह सिर्फ मरीजों केस लिए ही नहीं, बल्कि रोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए भी एक शानदार मौका है।

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कम निवेश में शुरू कर सकते हैं अपना दवाखाना | Jan Aushadhi Kendra scheme

जनऔषधि केंद्र खोलना किसी बड़े निवेश की मांग नहीं करता। आप सीमित बजट में भी यह काम शुरू कर सकते हैं। अगर आपके पास फार्मेसी से जुड़ी डिग्री जैसे B.Pharma या D.Pharma है, तो आप खुद इस स्टोर को चला सकते हैं।

लेकिन अगर आपके पास यह डिग्री नहीं है, तब भी आप पीछे नहीं हैं। आप किसी योग्य फार्मासिस्ट को रख सकते हैं, जिसके पास मान्यता प्राप्त डिग्री और राज्य फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन हो। आवेदन के समय उसका प्रमाण पत्र देना जरूरी होता है।

दुकान के लिए कितनी जगह जरूरी?

जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए बहुत बड़ी जगह की जरूरत नहीं होती। कम से कम 120 वर्ग फुट की जगह पर्याप्त मानी जाती है। यह जगह आपकी खुद की भी हो सकती है या किराए की भी। इसके साथ ही दुकान साफ-सुथरी होनी चाहिए ताकि दवाइयों को सही तरीके से स्टोर किया जा सके। दवा बेचने के लिए रिटेल ड्रग लाइसेंस लेना अनिवार्य है। इसके अलावा बिलिंग और रिकॉर्ड रखने के लिए कंप्यूटर और बेसिक सॉफ्टवेयर की जानकारी भी जरूरी होती है।

सरकार से मिलती है आर्थिक मदद

इस योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाती है। जनऔषधि केंद्र खोलने पर करीब 2.5 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं, दवाइयों की बिक्री पर 20 प्रतिशत से ज्यादा का मार्जिन मिलता है, जिससे अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके अलावा, मासिक बिक्री के आधार पर 10 से 15 प्रतिशत तक अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाता है।

ग्राहकों की कमी नहीं, बिक्री बनी रहती है

जेनेरिक दवाइयाँ ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं। यही वजह है कि इनकी मांग लगातार बनी रहती है। आम लोग कम कीमत में बेहतर इलाज चाहते हैं, इसलिए जनऔषधि केंद्रों पर ग्राहकों की संख्या भी अच्छी रहती है। इससे दुकान की बिक्री स्थिर रहती है और कारोबार धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।

कैसे करें आवेदन?

अगर आप भी जनऔषधि केंद्र खोलना चाहते हैं, तो आवेदन प्रक्रिया काफी आसान है। इच्छुक व्यक्ति janaushadhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा जांच की जाती है और सभी शर्तें पूरी होने पर मंजूरी दे दी जाती है।

कमाई के साथ सेवा का मौका

जनऔषधि केंद्र खोलना सिर्फ एक बिजनेस नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी जरिया है। इससे आप लोगों को सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर सकते हैं और साथ ही खुद के लिए एक स्थिर आय का स्रोत भी बना सकते हैं।

आज के समय में, जब दवाइयों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, यह योजना आम लोगों के लिए राहत और युवाओं के लिए रोजगार का बेहतरीन विकल्प बनती जा रही है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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