Islamabad Blast News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को एक बड़े और दिल दहला देने वाले आतंकी हमले से कांप उठी। शहर के शहजाद टाउन इलाके में स्थित इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान हुए आत्मघाती विस्फोट में अब तक 69 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 169 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद मस्जिद के भीतर का मंजर इतना भयावह था कि हर तरफ खून, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल नजर आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नमाज अपने अंतिम चरण में थी, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद के गेट के पास मौजूद लोग मौके पर ही गिर पड़े। अंदर मौजूद कई लोग खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े दिखे। घायलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
और पढ़ें: India-Us Trade Deal: अमेरिका से डील के बीच भारत को पाले में रखने के लिए रूस ने खेला बड़ा दांव
कैसे हुआ हमला? (Islamabad Blast News)
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद में प्रवेश करने की कोशिश की थी। हालांकि, एंट्री गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। इसी दौरान हमलावर ने खुद को गेट के पास ही उड़ा लिया। अगर वह मुख्य हॉल तक पहुंच जाता, तो जान-माल का नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। इसके बावजूद धमाका इतना तेज था कि गेट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास की इमारतों की खिड़कियां तक टूट गईं।
शिया समुदाय को बनाया गया निशाना
इस हमले में साफ तौर पर शिया समुदाय को निशाना बनाया गया है। धमाके के बाद मस्जिद के भीतर बिखरा मलबा, खून से सने फर्श और घायल लोगों की हालत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सुरक्षा बलों ने इमाम बारगाह और उसके आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। हर आने-जाने वाले की कड़ी जांच की जा रही है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इस्लामाबाद में आपात स्थिति लागू कर दी है।
अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित
हमले के तुरंत बाद घायलों को इस्लामाबाद के पॉलीक्लिनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और सीडीए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि सभी बड़े अस्पतालों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। PIMS के प्रवक्ता के अनुसार, ऑर्थोपेडिक, बर्न यूनिट और न्यूरोलॉजी विभाग को अलर्ट पर रखा गया है ताकि गंभीर रूप से घायल मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
तीन महीने में दूसरा बड़ा आत्मघाती हमला
गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के जिला और सत्र न्यायालय भवन के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 12 लोगों की जान गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। तीन महीने के भीतर दूसरी बड़ी आतंकी वारदात ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही हैं। इस हमले ने न सिर्फ पाकिस्तान की राजधानी को दहला दिया है, बल्कि पूरे देश में दहशत का माहौल भी पैदा कर दिया है।




























