Jeffrey Epstein विवाद पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट, हरदीप पुरी की बेटी  के 10 करोड़ के मानहानि केस में बड़ा मोड़| Himayani Puri defamation case

Nandani | Nedrick News Ghaziabad Published: 23 जुलाई 2026, 09:52 PM Updated: 23 जुलाई 2026, 09:52 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Himayani Puri defamation case: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमानी पुरी की ओर से दायर मानहानि (Defamation) मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। रायपुर के सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला की ओर से अदालत में दलील दी गई कि यह मुकदमा दिल्ली में सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि हिमानी पुरी की प्रतिष्ठा मुख्य रूप से अमेरिका में है और वह वहीं की नागरिक हैं।

जस्टिस तुषार राव गेडेला की अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कुणाल शुक्ला का पक्ष रखा और पहले दिए गए अंतरिम आदेश को हटाने या उस पर रोक लगाने की मांग की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार के लिए तय की है।

और पढ़ें: पहले केतन अग्रवाल को अपाहिज बनाने की थी साजिश, फिर लिया हत्या का फैसला; पुलिस का दावा| Ketan Agrawal case update

कुणाल शुक्ला की ओर से क्या दलील दी गई? Himayani Puri defamation case

कुणाल शुक्ला की ओर से अदालत में कहा गया कि हिमानी पुरी की याचिका में ऐसा कोई आधार नहीं बताया गया है जिससे यह साबित हो कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में होनी चाहिए। उनका तर्क था कि न तो शुक्ला दिल्ली के निवासी हैं और न ही यह दिखाया गया है कि विवादित सोशल मीडिया पोस्ट का प्रभाव दिल्ली में पड़ा। विकास सिंह ने यह भी कहा कि हिमानी पुरी अमेरिका की नागरिक हैं और उनकी प्रतिष्ठा भी मुख्य रूप से वहीं है। इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार (Territorial Jurisdiction) पर सवाल उठता है।

सार्वजनिक दस्तावेजों का भी दिया हवाला

सुनवाई के दौरान शुक्ला की ओर से यह भी दलील दी गई कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम अमेरिकी सरकार द्वारा जारी एपस्टीन फाइल्स में 164 बार दर्ज है। उनका कहना था कि हिमानी पुरी के संबंध में जो बातें कही गईं, वे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री के आधार पर थीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हरदीप सिंह पुरी इस मुकदमे में वादी (Plaintiff) नहीं हैं, इसलिए उनकी प्रतिष्ठा का हवाला उनकी बेटी की ओर से नहीं दिया जा सकता।

अदालत ने भी पूछा अहम सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह सवाल भी उठाया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक दस्तावेजों के आधार पर अपनी राय व्यक्त करता है, तो उसकी सीमा क्या होनी चाहिए। इस पर कुणाल शुक्ला की ओर से कहा गया कि अदालत तब हस्तक्षेप कर सकती है जब सामग्री दुर्भावनापूर्ण हो और सीधे तौर पर वादी के खिलाफ हो। उनका दावा था कि मौजूदा मामले में ऐसे आरोप याचिका में स्पष्ट रूप से नहीं बताए गए हैं और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध सामग्री पर टिप्पणी करना उनका कानूनी अधिकार है।

हिमानी पुरी की ओर से क्या कहा गया?

हिमानी पुरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने इन दलीलों का विरोध किया। उन्होंने अदालत से कहा कि मानहानि के मामलों में यदि कोई बयान किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, तो वह कार्रवाई योग्य होता है। उनका कहना था कि यह साबित करना जरूरी नहीं है कि कितने लोगों ने संबंधित पोस्ट पढ़ी। यदि कोई सामान्य व्यक्ति उस सामग्री को पढ़कर उसे मानहानिकारक समझ सकता है, तो वह प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मानहानि का मामला बन सकता है।

पहले दिया जा चुका है कंटेंट हटाने का आदेश

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ सोशल मीडिया पर मौजूद विवादित पोस्ट हटाने का अंतरिम आदेश दे चुकी है। अदालत ने कुणाल शुक्ला सहित अन्य संबंधित पक्षों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (पूर्व में ट्विटर), Google, YouTube, Meta और LinkedIn को भारत में उपलब्ध कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल यह आदेश केवल भारत में कंटेंट हटाने तक सीमित रहेगा। वैश्विक स्तर पर कंटेंट हटाने का मुद्दा हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष लंबित है।

हिमानी पुरी ने इस मामले में 10 करोड़ रुपये का मानहानि दावा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया गया, जिसमें उन्हें अमेरिकी वित्तीय अपराधी और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह सामग्री अब भी सोशल मीडिया पर उपलब्ध है और इससे उनकी प्रतिष्ठा को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।

और पढ़ें: क्या हमने उसे नेपाल भेजा था? पहली बार फूटा खान सर का गुस्सा, प्रिंस यादव की मौत पर तोड़ी चुप्पी| Khan Sir Controversy

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds